मोतिहारी: बिहार में साल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। राज्य में शराब का सेवन, बिक्री, भंडारण और इससे जुड़ी गतिविधियां कानूनन प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद शराब से जुड़े मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इसी कड़ी में मोतिहारी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर शराब पार्टी करना पंजाब नेशनल बैंक के चार कर्मियों समेत पांच लोगों को भारी पड़ गया। नगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांचों को गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई शहर के नगर थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक बंद कमरे में कुछ लोग शराब पार्टी कर रहे हैं। सूचना में पंजाब नेशनल बैंक के कुछ कर्मियों के शामिल होने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने बिना देर किए टीम बनाकर बताए गए स्थान पर छापेमारी की।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े चार कर्मी एक अन्य युवक के साथ कमरे में कथित तौर पर शराब पार्टी कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। पुलिस के पहुंचते ही कमरे में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में प्रतीक सिन्हा, इंद्रजीत कुमार, अजय कुमार और तरुण कुमार के नाम सामने आए हैं। ये चारों पंजाब नेशनल बैंक के कर्मी बताए जा रहे हैं। वहीं, पांचवां व्यक्ति उनका परिचित बताया गया है।पुलिस सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर नगर थाना पहुंची, जहां उनसे पूछताछ की गई। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
बंद कमरे में चल रही थी कथित शराब पार्टी
मामले की खास बात यह है कि पुलिस को पार्टी के बारे में किसी प्रत्यक्ष सूचना से नहीं, बल्कि गुप्त सूचना के आधार पर जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस का दावा है कि बंद कमरे में शराब पार्टी चल रही थी।
हालांकि, मामले में शराब की बरामदगी और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी पुलिस की आगे की जांच और आधिकारिक कार्रवाई से स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए सभी लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।
शराबबंदी वाले बिहार में फिर उठा सवाल
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद शराब का सेवन या इससे संबंधित गतिविधियों पर कार्रवाई का प्रावधान है। सरकार और प्रशासन की ओर से समय-समय पर शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। इसके बावजूद अलग-अलग जिलों से शराब पीने, बेचने और तस्करी से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं।
मोतिहारी का यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें बैंक से जुड़े कर्मियों के नाम सामने आए हैं। आम तौर पर सरकारी या बैंकिंग संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों से नियम-कानून का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि जांच में शराबबंदी कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो आरोपियों पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप
चार बैंक कर्मियों के कथित तौर पर शराब पार्टी में पकड़े जाने की खबर सामने आने के बाद बैंकिंग महकमे में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पार्टी में शराब कहां से आई और कमरे में मौजूद पांचों लोगों की भूमिका क्या थी।
फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ शराबबंदी कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में शराब की आपूर्ति किस माध्यम से हुई और क्या इस मामले के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है।
यानी जिस राज्य में शराब रखना और पीना भी कानूनन अपराध है, वहां बंद कमरे में कथित शराब पार्टी करना इन पांच लोगों के लिए भारी पड़ गया। अब पुलिस की जांच से ही साफ होगा कि इस पार्टी की पूरी कहानी क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।