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30-Nov-2025 09:07 AM
By First Bihar
Bihar Police Action : मोतिहारी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई रविवार की सुबह चकिया थाना क्षेत्र के कोयला बेलवा गांव में की गई। सूत्रों के अनुसार यह मामले साइबर फ्रॉड, नकली नोट और हवाला कारोबार से जुड़े हैं।
एनआईए की टीम ने सुबह करीब 4:30 बजे दिवंगत नारायण पाठक के घर को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान टीम परिवार के सदस्यों से एक कमरे में पूछताछ कर रही थी। इस अभियान में चकिया एसएसपी संतोष सिंह, चकिया थानाध्यक्ष, पिपरा थानाध्यक्ष, मेहसी थाना और जय बजरंग थाना की पुलिस भी मौजूद रही।
मामला: दिवंगत नारायण पाठक के खाते में करोड़ों का लेन-देन
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कोयला बेलवा निवासी दिवंगत नारायण पाठक की बेटी की शादी नेपाल निवासी धीरज तिवारी से हुई थी। हालांकि, उनकी बेटी प्रियंका का निधन वर्ष 2014 में हो गया। नियम के अनुसार, किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका बैंक खाता बंद हो जाना चाहिए था। लेकिन जांच में पता चला कि प्रियंका के निधन के बाद भी नारायण पाठक के खाते से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया।एनआईए की जांच के अनुसार, लेन-देन की प्रक्रिया में हवाला और साइबर फ्रॉड का इस्तेमाल किया गया। यही कारण है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए ठोस कदम उठाया।
नेपाल निवासी धीरज तिवारी गिरफ्तार
बताया जा रहा है कि प्रियंका का पति धीरज तिवारी पिछले एक सप्ताह से अपने ससुराल में ही ठहरा हुआ था। धीरज तिवारी नेपाल का निवासी है और दुबई में कार्यरत है। उसके पास भारत और नेपाल दोनों देशों की नागरिकता है। एनआईए की टीम उसकी तलाश में थी और इसी दौरान कोयला बेलवा गांव पहुंची। तलाशी अभियान के दौरान धीरज को गिरफ्तार कर लिया गया।
एनआईए अधिकारियों का कहना है कि धीरज तिवारी को गिरफ्तार करने के बाद उसे मोतिहारी स्थित एनआईए कार्यालय में लाया जाएगा, जहां उससे मामले की गहन पूछताछ की जाएगी। गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कई और खुलासे होने की संभावना है।
आदापुर थाना क्षेत्र में दूसरी छापेमारी
इस बीच आदापुर थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग जगहों पर भी एनआईए और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। आदापुर थाना क्षेत्र के अररा गांव में रुदल पासवान के घर रक्सौल डीएसपी समेत कई थानों की पुलिस मौजूद रही। तलाशी अभियान के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जो आगे की जांच में महत्वपूर्ण साबित होंगे।एनआईए की टीम का कहना है कि यह कार्रवाई केवल प्रारंभिक कदम है। जांच के दौरान कई अन्य व्यक्तियों के नाम सामने आ सकते हैं जो हवाला और साइबर फ्रॉड में शामिल हो सकते हैं।
सरकार और कानून व्यवस्था की प्रतिक्रिया
बिहार पुलिस और एनआईए की संयुक्त कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार और कानून व्यवस्था के अधिकारी वित्तीय अपराध और अंतरराष्ट्रीय स्तर के फ्रॉड के मामलों में बिल्कुल भी सख्ती में पीछे नहीं हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अपराध केवल व्यक्तिगत नहीं होते, बल्कि पूरे क्षेत्र की वित्तीय सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
एनआईए के अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जांच पूरी होने तक सभी संदिग्ध व्यक्तियों के खातों और लेन-देन पर नजर रखी जाएगी। डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्यों का विश्लेषण कर यह पता लगाया जाएगा कि कितनी राशि का गलत तरीके से लेन-देन हुआ है।
मोतिहारी में हुई यह कार्रवाई साइबर फ्रॉड, नकली नोट और हवाला जैसे गंभीर मामलों के प्रति सरकारी गंभीरता को दर्शाती है। नारायण पाठक के दिवंगत होने के बावजूद उसके खाते में हुई करोड़ों की हेराफेरी और धीरज तिवारी की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि अपराधी किसी भी कानूनी औपचारिकता का उल्लंघन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें बचने का मौका नहीं मिलेगा।
एनआईए और बिहार पुलिस की टीम फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच में लगी हुई है। आदापुर और कोयला बेलवा गांव में चल रही छापेमारी से नए साक्ष्य मिलने की संभावना है। आगामी दिनों में इस मामले से जुड़े और कई खुलासे सामने आ सकते हैं।