Bihar News: बिहार के मोतिहारी नगर निगम में एक बार फिर टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. शहर में लगने वाले डिज्नीलैंड मेले के टेंडर को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पूर्व पार्षद ने आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया में बड़ा खेल हुआ है, जिससे नगर निगम को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है.
मामला नगर निगम क्षेत्र में आयोजित होने वाले डिज्नीलैंड मेले के टेंडर से जुड़ा है. आरोप है कि जिस मेले का टेंडर पिछले साल 30 दिनों के लिए 54 लाख रुपये में हुआ था, वही मेला इस बार 41 दिनों के लिए सिर्फ 14 लाख 62 हजार 500 रुपये में दे दिया गया.
इसको लेकर पूर्व पार्षद मणि भूषण श्रीवास्तव ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जब पिछले साल कम दिनों के लिए मेले का ठेका 54 लाख रुपये में हुआ था, तो इस बार ज्यादा दिनों के लिए टेंडर की राशि इतनी कम कैसे हो गई.
पूर्व पार्षद का कहना है कि यह सामान्य प्रक्रिया नहीं लग रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों, कुछ जनप्रतिनिधियों और बिचौलियों की मिलीभगत से टेंडर को प्रभावित किया गया है. उनके मुताबिक, पूरी प्रक्रिया को पहले से तय तरीके से मैनेज कर कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाया गया.
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि नगर निगम को मिलने वाला राजस्व अचानक इतना कम कैसे हो गया. अगर मेले की अवधि बढ़ी है तो आम तौर पर निगम की कमाई भी बढ़नी चाहिए थी, लेकिन यहां उल्टा राजस्व में भारी गिरावट देखने को मिल रही है.
मणि भूषण श्रीवास्तव ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम में आने वाली बड़ी विकास योजनाओं के टेंडर को लेकर भी इसी तरह की आशंका बनी हुई है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से करोड़ों रुपये की योजनाओं के लिए राशि आती है, ऐसे में उनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है.
वहीं इस पूरे मामले पर नगर आयुक्त आशीष कुमार ने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई है. हालांकि उन्होंने कैमरे के सामने इस मामले में विस्तृत बयान देने से इनकार कर दिया.
नगर आयुक्त के बयान से इनकार के बाद भी शहर में चर्चा तेज हो गई है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पिछले साल की तुलना में इस बार टेंडर राशि इतनी कम क्यों हुई.