MOTIHARI: बापू की कर्मभूमि चंपारण इन दिनों सरकारी योजनाओं में अनियमितता और राशि गबन के आरोपों को लेकर लगातार सुर्खियों में है। ताजा मामला गरीबों के अंतिम संस्कार के लिए संचालित कबीर अंत्येष्टि योजना से जुड़ा है। पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत डरमहा गांव में योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ है।


विभागीय जांच में सामने आया है कि कई ऐसे लोगों के नाम पर 3,000 रुपये की सहायता राशि निकाली गई, जो योजना के पात्र ही नहीं थे। इतना ही नहीं, कुछ जीवित व्यक्तियों के नाम पर भी कफन की राशि का भुगतान कर दिया गया। इस मामले को लेकर लगातार 20 सूत्री समिति की बैठकों में सवाल उठाए जाते रहे।


स्थानीय विधायक शालिनी मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी से जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने डीआरडीए निदेशक कुंदन कुमार को जांच का जिम्मा सौंपा। जांच के दौरान करीब साढ़े चार लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।


आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मियों की मिलीभगत से अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिया गया, जबकि वास्तविक गरीब लाभुक इस योजना से वंचित रह गए। डीआरडीए निदेशक कुंदन कुमार ने भी जांच में गलत तरीके से राशि निकासी की पुष्टि की है।


जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। अब सवाल उठने लगा है कि यदि पूरे जिले में कबीर अंत्येष्टि योजना की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो गड़बड़ी का दायरा और भी बड़ा हो सकता है।