Bihar News: बिहार के मोतिहारी जिले में अवैध शराब निर्माण से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वीडियो सामने आते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस पूरे मामले में मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित इलाके के LTF प्रभारी और स्थानीय चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही शराब कारोबारियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया है।


मामला सुगौली थाना क्षेत्र के मुसवा भेड़िहारी गांव का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध शराब निर्माण होता दिखाई दे रहा था। वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसके बाद पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि क्षेत्र में कैसे चल रही थी और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।


वीडियो सामने आने के बाद एसपी स्वर्ण प्रभात मंगलवार को खुद पुलिस टीम के साथ मुसवा भेड़िहारी गांव पहुंचे। उन्होंने पूरे इलाके का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से जानकारी ली। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया पुलिस की लापरवाही सामने आई, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए LTF प्रभारी और चौकीदार को सस्पेंड कर दिया गया।


एसपी ने साफ कहा कि अवैध शराब कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शराब माफियाओं की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।


इधर, पुलिस ने पूरे इलाके में निगरानी और सर्च अभियान तेज कर दिया है। गांव और आसपास के इलाकों पर अब ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है ताकि जंगल, खेत और सुनसान जगहों में चल रहे अवैध धंधों का पता लगाया जा सके। ड्रोन सर्विलांस के जरिए संदिग्ध स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है।


पुलिस टीम ने कार्रवाई के दौरान कई पुराने शराब भट्ठियों के अवशेष, प्लास्टिक के ड्रम और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान बरामद किए हैं। जब्त सामग्री को थाने लाया जा रहा है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। हालांकि वायरल वीडियो किस सटीक स्थान का है, इसकी पुष्टि करने के लिए पुलिस तकनीकी जांच भी कर रही है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से चोरी-छिपे शराब बनाने का काम चल रहा था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से कारोबारियों का मनोबल बढ़ता जा रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर सख्ती देखने को मिल रही है।