Bihar News: बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस सनसनीखेज कांड के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड लवकुश यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जहरीली शराब के इस नेटवर्क का अहम चेहरा माने जा रहे लवकुश की गिरफ्तारी तुरकौलिया इलाके से हुई, जिसके बाद पूरे मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है।
मोतिहारी जहरीली शराब कांड ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। अब तक इस घटना में 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं। कई पीड़ितों की आंखों की रोशनी तक चली गई है। परिवारों में मातम पसरा है और गांवों में डर व गुस्से का माहौल बना हुआ है।
जिला पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लवकुश यादव इस पूरे जहरीली शराब नेटवर्क का मुख्य संचालक था। जांच में सामने आया है कि उसी ने बड़ी मात्रा में जहरीली स्प्रिट मंगवाई थी, जिसे बाद में स्थानीय स्तर पर अवैध शराब तैयार करने में इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से भारी मात्रा में जहरीली स्प्रिट भी बरामद की है।
पुलिस जांच के मुताबिक, यह जहरीली स्प्रिट उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित एक कंपनी से मंगाई गई थी। खेप गोरखपुर के रास्ते मोतिहारी पहुंची और फिर इसे जिले के कई खुदरा विक्रेताओं तक पहुंचाया गया। लवकुश यादव ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने यह स्प्रिट स्थानीय शराब कारोबारियों और स्प्रिट माफिया कन्हैया यादव को बेची थी। पुलिस अब कन्हैया यादव समेत इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
लवकुश की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस अवैध कारोबार की जड़ों तक पहुंचने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। विशेष जांच दल (SIT) की टीमें बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश और दिल्ली में लगातार छापेमारी कर रही हैं। कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य बड़े चेहरे भी गिरफ्त में होंगे।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने साफ कहा है कि इस कांड में शामिल किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। जहरीली स्प्रिट सप्लाई करने वाली गाजियाबाद की कंपनी की भूमिका भी जांच के घेरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में जहरीला केमिकल बिना निगरानी के बिहार तक कैसे पहुंचा।
इस कांड ने एक बार फिर बिहार में अवैध शराब तस्करी के खतरनाक नेटवर्क को उजागर कर दिया है। जहरीली शराब ने जिन परिवारों के चिराग बुझाए हैं, उनके लिए यह गिरफ्तारी राहत जरूर है, लेकिन सवाल अब भी कायम है—क्या इस मौत के कारोबार की पूरी जड़ें उखाड़ी जा सकेंगी, या फिर कोई नया लवकुश फिर किसी और गांव में मौत बांटता मिलेगा?