मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने नकली नोटों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने की दिशा में अहम कार्रवाई की है। मोतिहारी के सेमरा गांव के पास पुलिस ने करीब 5 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद की है। पुलिस ने मौके से एक कथित तस्कर को भी गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नकली नोटों की यह खेप नेपाल के रास्ते मोतिहारी लाई जा रही थी।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल से जाली नोटों की बड़ी खेप मोतिहारी पहुंचने वाली है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी।
सेमरा के पास रोकी गई संदिग्ध गाड़ी
पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर सेमरा इलाके में घेराबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को गाड़ी में बने कथित गुप्त तहखाने से बड़ी मात्रा में जाली नोट मिले। शुरुआती जांच के मुताबिक बरामद नकली करेंसी की कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है।
नकली नोटों की बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोटों की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे मोतिहारी के अलावा बिहार के किन-किन इलाकों में पहुंचाया जाना था।
छठ-दिवाली के बाजार पर थी नजर?
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि नकली नोटों को छठ और दीपावली के दौरान बाजार में खपाने की योजना थी। त्योहारों के दौरान बाजार में नकदी का लेन-देन बढ़ जाता है। ऐसे में तस्करों की कोशिश जाली करेंसी को भीड़भाड़ वाले बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों के बीच खपाने की हो सकती है। हालांकि, पुलिस अभी इस पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
नेपाल कनेक्शन की जांच तेज
पूर्वी चंपारण की नेपाल से लगी सीमा को देखते हुए पुलिस अब इस मामले में नेपाल कनेक्शन की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों की खेप सीमा पार से किस माध्यम से लाई गई और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा है।
पुलिस की जांच का दायरा अब सिर्फ गिरफ्तार आरोपी तक सीमित नहीं है। जाली नोटों के स्रोत, डिलीवरी नेटवर्क, स्थानीय संपर्क और संभावित खरीदारों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि 5 लाख रुपये की जाली करेंसी के पीछे आखिर कितने लोगों का नेटवर्क काम कर रहा था।