Bihar News : मोतिहारी के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कैंपस में भारी हंगामा देखने को मिला। घटना से नाराज छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज गेट पर बैठकर प्रिंसिपल को हटाने की मांग की। इस दौरान कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।


जानकारी के अनुसार, छात्रा की मौत की खबर फैलते ही हॉस्टल और कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेज गेट पर जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों का आरोप था कि कॉलेज प्रबंधन लंबे समय से उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। घटना के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और विरोध प्रदर्शन तेज हो गया।


प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि छोटी-छोटी बातों पर छात्रों से जुर्माना वसूला जाता है और बेवजह प्रताड़ित किया जाता है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर में बाइक से आने-जाने पर रोक लगा दी गई है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। वहीं हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी छात्रों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं किया गया।


घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका पुलिस बल के साथ कॉलेज पहुंचीं। उन्होंने छात्रों को शांत कराने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। हालात बिगड़ते देख आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पिपरा कोठी थाना और छतौनी थाना की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था संभाली।


काफी मशक्कत के बाद पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाकर कॉलेज परिसर के अंदर भेजा। इसके बाद छात्र मैदान में बैठ गए और प्रिंसिपल को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। देर रात कॉलेज प्रिंसिपल छात्रों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों ने साफ तौर पर कहा कि कॉलेज प्रशासन का रवैया बदलना चाहिए और छात्रों की सुविधाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।


प्रिंसिपल ने छात्रों को आश्वासन दिया कि किसी भी छात्र को निशाना नहीं बनाया जाएगा और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कैंपस में छात्रों को वाहन से आने-जाने की अनुमति देने की बात कही। साथ ही 24 घंटे एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिलाया। प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रों का गुस्सा धीरे-धीरे शांत हुआ।


करीब रात एक बजे तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। बाद में पुलिस और कॉलेज प्रशासन की पहल पर मामला शांत हुआ और छात्र अपने-अपने हॉस्टल कमरों में लौट गए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है।


फिलहाल छात्रा की मौत के कारणों की जांच जारी है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।