Bihar News: मोतिहारी जिले के नगर भवन मैदान में लगने वाले डिज्नीलैंड मेले को लेकर उठे सवालों पर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. FirstBihar द्वारा मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद महज कुछ ही घंटों में प्रशासन हरकत में आया और विवादित टेंडर को रद्द कर दिया गया.


इसके साथ ही नगर भवन मैदान में मेला लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है. प्रशासन ने मैदान को खाली कराने का भी आदेश जारी कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद मेला आयोजन को लेकर मचे विवाद पर अब नया मोड़ आ गया है.


दरअसल नगर भवन मैदान में हर साल डिज्नीलैंड मेला लगाया जाता है. इस बार भी मेला आयोजन के लिए नगर निगम की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी. लेकिन टेंडर की राशि को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे.


आरोप लगाया गया था कि पिछले साल जिस मैदान का टेंडर करीब 1 लाख 75 हजार रुपये प्रतिदिन की दर से दिया गया था. उसी मैदान का टेंडर इस बार मात्र 32 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जारी कर दिया गया. इससे नगर निगम को बड़े राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई.


पूर्व वार्ड पार्षद मणि भूषण श्रीवास्तव ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी. इसके बाद मामला सुर्खियों में आया और FirstBihar ने इसे प्रमुखता से दिखाया.


खबर सामने आने के बाद सदर एसडीओ निशांत सिहाड़ा ने पूरे मामले पर संज्ञान लिया. उन्होंने मेला लगाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया. एसडीओ ने कहा कि नगर भवन मैदान का क्षेत्रफल सीमित है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.


इसके अलावा मैदान परिसर में सम्राट अशोक की प्रतिमा निर्माण का काम भी चल रहा है. ऐसे में मेले के आयोजन से परेशानी बढ़ सकती थी. इन्हीं कारणों को देखते हुए प्रशासन ने अनुमति नहीं दी.


एसडीओ के आदेश के बाद नगर आयुक्त आशीष कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डिज्नीलैंड मेले का टेंडर रद्द कर दिया. नगर निगम की ओर से मैदान खाली कराने का निर्देश जारी किया गया.


इसके बाद नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वहां चल रहे मेला निर्माण कार्य को रुकवा दिया. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले में हड़कंप मच गया.


अब इस पूरे टेंडर मामले की जांच की भी संभावना जताई जा रही है. प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि पिछले साल की तुलना में इस बार इतनी कम राशि पर टेंडर कैसे जारी हुआ.
पूर्वी चम्पारण से सोहराब आलम की रिपोर्ट