India Nepal Border News: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने मानव तस्करी के एक मामले का खुलासा करते हुए दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचाया है. इस मामले में मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि लड़कियों को नौकरी दिलाने का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाया गया था. कार्रवाई के दौरान एक कार भी जब्त की गई है.
यह कार्रवाई एसएसबी की 41वीं बटालियन, रानीडांगा के जवानों ने की. पानीटंकी स्थित न्यू ब्रिज बॉर्डर इंटरैक्शन टीम (BIT) के जवानों ने नियमित जांच के दौरान नेपाल जा रही एक कार को संदेह के आधार पर रोका. कार में गुजरात के अहमदाबाद निवासी 61 वर्षीय महेश भुरालाल तन्ना, बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी 34 वर्षीय चालक नवीन कुमार और मिजोरम की रहने वाली 17 वर्षीय नाबालिग लड़की मौजूद थी.
पूछताछ के दौरान किशोरी ने बताया कि आरोपी उसके पिता का परिचित है. उसके अनुसार, उसे कैसीनो घुमाने और नेपाल में खरीदारी कराने का झांसा देकर ले जाया जा रहा था. उसने यह भी बताया कि मुंबई और गोवा के स्पा सेंटरों में नौकरी दिलाने का लालच देकर उसे सिलीगुड़ी के सालुगाड़ा स्थित एक किराये के फ्लैट में रखा गया था.
सालुगाड़ा के किराये के मकान से दूसरी लड़की भी मुक्त
पहली नाबालिग से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर एसएसबी ने कोसी लोक मंच और स्थानीय पुलिस को मामले से अवगत कराया. इसके बाद पुलिस और सामाजिक संस्था की संयुक्त टीम ने सिलीगुड़ी के सालुगाड़ा स्थित किराये के मकान में छापेमारी की. इस दौरान वहां मौजूद दूसरी नाबालिग लड़की को भी सुरक्षित बचा लिया गया.
एसएसबी का परिचालन क्षेत्र नहीं होने के बावजूद संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय के जरिए यह कार्रवाई की गई. दोनों लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय जांच के लिए खोरीबाड़ी ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया.
मुख्य आरोपी और चालक गिरफ्तार
एसएसबी ने इस मामले में अहमदाबाद निवासी महेश भुरालाल तन्ना और मुजफ्फरपुर निवासी चालक नवीन कुमार को गिरफ्तार किया है. दोनों नाबालिग लड़कियों, गिरफ्तार आरोपियों और जब्त कार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए खोरीबाड़ी थाना पुलिस को सौंप दिया गया है.
फिलहाल मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. वहीं, एसएसबी और कोसी लोक मंच बाल कल्याण समिति (CWC) के समन्वय से दोनों लड़कियों की सुरक्षित देखभाल, काउंसलिंग और उन्हें उनके परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया में जुटे हैं.
एसएसबी की 41वीं बटालियन ने कहा है कि भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी रोकने के लिए निगरानी जारी रहेगी और इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.