Bihar News: पूर्वी चंपारण में यूरिया की किल्लत और कथित कालाबाजारी के बीच रिटेल उर्वरक विक्रेताओं और होलसेलरों के बीच कीमत को लेकर विवाद सामने आया है. पहाड़पुर के रिटेल उर्वरक विक्रेता बुधवार को अपनी शिकायत लेकर जिला कृषि पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे. दुकानदारों ने होलसेल विक्रेताओं और कृषि विभाग के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि उन्हें जिस कीमत पर यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है, उस कीमत पर सरकार द्वारा तय दर पर किसानों को खाद बेचना उनके लिए मुश्किल हो रहा है.


सरकार ने किसानों के लिए यूरिया की कीमत 266 रुपये प्रति बोरी निर्धारित कर रखी है. इसी दर पर किसानों को यूरिया उपलब्ध कराने का निर्देश उर्वरक विक्रेताओं को दिया गया है. निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है.


रिटेल विक्रेताओं का आरोप है कि उन्हें होलसेलरों से ही यूरिया 280 से 300 रुपये प्रति बोरी की दर से मिल रहा है. इसके अलावा दुकान तक खाद पहुंचाने में करीब 20 रुपये प्रति बोरी का परिवहन खर्च भी आता है. ऐसे में दुकानदारों के सामने एक तरफ महंगी कीमत पर यूरिया खरीदने की मजबूरी है, जबकि दूसरी तरफ किसानों को इसे 266 रुपये में बेचने का दबाव है.


रिटेल विक्रेताओं ने जिला कृषि पदाधिकारी के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए कहा कि अगर उन्हें निर्धारित और उचित कीमत पर यूरिया उपलब्ध कराया जाए तो वे भी किसानों को सरकार द्वारा तय दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं.


उर्वरक संघ के अध्यक्ष चंदेश्वर सिंह और सचिव महेश्वर सिंह ने आरोप लगाया कि होलसेल विक्रेताओं की ओर से रिटेल दुकानदारों को महंगे दाम पर यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके बावजूद रिटेल विक्रेताओं पर सरकारी दर पर यूरिया बेचने का दबाव बनाया जाता है.


संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि रिटेल दुकानदारों को अगर सही कीमत पर यूरिया मिलेगा तो किसानों को भी निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने में कोई परेशानी नहीं होगी. उन्होंने इस मामले में विभाग से उचित कार्रवाई और व्यवस्था में सुधार की मांग की है.


यूरिया की कीमत को लेकर रिटेल विक्रेताओं की शिकायत ऐसे समय सामने आई है, जब जिले में खाद की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था को लेकर कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है. रिटेल विक्रेताओं की शिकायत के बाद अब इस मामले में विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर बनी हुई है.