Bihar Police News: मोतिहारी में पीपरा थाने के थानाध्यक्ष और एक दारोगा का शराब तस्कर से कथित संबंध सामने आने के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई की गई है। दोनों पुलिस अधिकारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें वे एक व्यक्ति को केक खिलाते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो सामने आने के बाद पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मामले की जांच कराई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर पीपरा थानाध्यक्ष सतीश कुमार और दारोगा विपिन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, वीडियो में दोनों पुलिस अधिकारियों के साथ दिखाई दे रहा व्यक्ति पीपरा थाना क्षेत्र के महारानी गांव निवासी बिट्टू कुमार है। बताया गया है कि बिट्टू के खिलाफ पीपरा थाने में शराब से संबंधित मामला दर्ज है। प्रसारित वीडियो को लेकर बताया गया कि यह किसी जन्मदिन या अन्य समारोह का हो सकता है, जिसमें दोनों पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए थे और तस्वीरें खिंचवाई गई थीं। दोनों अधिकारी उस समय पीपरा थाने में ही पदस्थापित थे।
जानकारी के अनुसार, बिट्टू कुमार के खिलाफ पीपरा थाने में कांड संख्या 304/24 के तहत उत्पाद अधिनियम का मामला दर्ज है। इसके अलावा गोपालगंज उत्पाद थाना में भी कांड संख्या 167/20 के तहत उत्पाद अधिनियम का मामला दर्ज बताया गया है।
एसपी कार्यालय की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि दोनों पुलिस अधिकारियों का इस तरह शराब तस्करी से जुड़े व्यक्ति के साथ नजर आना विभागीय आचरण के अनुरूप नहीं है। पुलिस के मुताबिक, इस तरह की घटना से शराब तस्करों का मनोबल बढ़ने की आशंका के साथ आम लोगों के बीच पुलिस के प्रति अविश्वास और असंतोष की भावना भी पैदा हो सकती है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने घटना को पुलिस के विभागीय अनुशासन और आचरण के प्रतिकूल माना है। उन्होंने कहा कि इस घटना से पुलिस की छवि और गरिमा प्रभावित हुई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर दोनों पुलिस अधिकारियों को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा कि थानाध्यक्ष और दारोगा का आचरण विभागीय अनुशासन के प्रतिकूल पाया गया है। जांच के बाद तत्काल प्रभाव से दोनों पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया चल रही है।
रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी