बिहार में सुरक्षित कौन? बदमाशों ने JDU विधायक से मांगी रंगदारी, फेसबुक के माध्यम से गाली-गलौज बिहार में सुरक्षित कौन? बदमाशों ने JDU विधायक से मांगी रंगदारी, फेसबुक के माध्यम से गाली-गलौज BIHAR NEWS : विप में शराबबंदी को लेकर नीरज कुमार और सुनील सिंह में भिडंत, MLC ने कहा - “हमाम में सभी नंगे हैं...मैं सभी के बारे में एक-एक बात जानता हूं..." Bihar News : पटना NEET छात्रा मौत मामला: कोर्ट की सख्त टिप्पणी, जांच अधिकारियों पर FIR का संकेत; हॉस्टल संचालक की जमानत याचिका खारिज Bihar News: CAG ने ATS को लेकर परिवहन अधिकारियों की खोल दी पोल, SOP का पालन किए बगैर जारी हुआ फिटनेस सर्टिफिकेट, सरकार को करोड़ों का नुकसान RRB Technician Exam City जारी: आ गई टेक्नीशियन भर्ती की डेट? कब, कैसे डाउनलोड होंगे एडमिट कार्ड, लेटेस्ट अपडेट Bihar News: CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा...पैसा भी नहीं वसूल पा रही नीतीश सरकार, 4844 करोड़ बकाया,कई विभाग तो हिसाब हीं नहीं दे रहे Bihar Assembly : बिहार विधान परिषद में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर फिर उठा सवाल, राजद MLC ने कहा - विधानमंडल में प्रतिबंध के बावजूद हो रहा इस्तेमाल; मंत्री ने दिया यह जवाब Bihar News: सीमांचल से अमित शाह का बड़ा ऐलान, सीमा से 10 KM अंदर से शुरू होगा अभियान...तीन दिनों में तैयार होगा मास्टर प्लान Bihar land record issue : भूमि सुधार विभाग के लापता रिकॉर्ड पर सख्त हुए विजय सिन्हा, कहा- प्लान तैयार, यह लोग हो जाएं अलर्ट
26-Feb-2026 10:07 AM
By Viveka Nand
Bihar News: बिहार सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, निचले स्तर के अधिकारियों की मनमानी, दलाली पर रोक नहीं लग पा रही। कई ऐसे विभाग हैं, जहां दलालों का बोलबाला है. अफसरों और दलालों की मिलीभगत से सरकारी सिस्टम चलता है. अब खनन विभाग को ही ले लीजिए . डिप्टी सीएम सह खनन विभाग के मंत्री विजय सिन्हा सिस्टम में सुधार की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन जिन्हें सुधऱना है और दलालों पर अंकुश लगाना है वे ही दलालों के साथ खड़े हैं. हद तो तब हो जाती है जब अफसर का ड्राइवर जब्त गाड़ी को छुड़वाता है, पुलिस अधिकारियों को खनन अधिकारी बनकर फोन करता है.
ड्राइवर बन गया खनन अधिकारी, पुलिस को फोन कर गाड़ियों को छुड़वाया
ममाला पूर्वी चंपारण का है, जहां खनन विभाग में एक ड्राइवर का बोलबाला है. वो ड्राइवर खुद को खनन पदाधिकारी बनकर अधिकारियों को फोन करता है, पकड़ी गई गाड़ियों को छुड़वा लेता है. बताया जाता है कि वो ड्राइवर जिला खनन पदाधिकारी का चालक है, लेकिन वो अफसरों को जिला खनन पदाधिकारी बनकर फोन करता है. यह मामला पकड़ में तब आया जब अरेराज थाने की पुलिस ने बालू से ओवरलोडेड गाड़ियों को रोका. जैसे ही पुलिस ने बालू लदी हाईवा को रोका, कुछ समय के बाद अरेराज थाने की पुलिस को फोन आता है. फोन करने वाला खुद को जिला खनन पदाधिकारी बताता है. उसने थानाध्यक्ष से कहा कि जिन गाड़ियों को रोका है वो वैध है, लिहाजा तुरंत छोड़ दीजिए. पुलिस ने बिना समझे बूझे ही नियमों का पालन करे बगैर ढुलाई कर रही गाड़ियों को छोड़ दिया. जबकि बताया जाता है कि उन गाड़ियों पर ओवरलोड था. जिला परिवहन कार्यालय भी ओवरलोडेड गाड़ियों की जांच नहीं की.इस तरह से सरकार को राजस्व की हानि हुई।
बाद में पता चला जिसे अधिकारी समझ बैठे वो तो ड्राइवर था
पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज थाने की पुलिस को इसकी भनक तब लगी, जब उस नंबर की जांच की गई. तब पता चला कि जिस शख्स ने खुद को जिला खनन अधिकारी बनकर फोन किया था, वो तो ड्राइवर है. बाद में पुलिस ने उक्त ड्राइवर को फोन कर हड़काया. तब तक सारी गाड़ियां जा चुकी थी. इस तरह से जिला खनन कार्यालय के एक कथित ड्राइवर ने पुलिस को फोन कर जांच के लिए रोकी गई बालू लदी गाड़ियों को छुड़वा लिया.