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02-Jan-2026 12:32 PM
By Viveka Nand
Bihar Education News: बिहार का शिक्षा विभाग हमेशा चर्चा में रहता है. 2025 में भ्रष्टाचार को लेकर शिक्षा विभाग के डीईओ-डीपीओ चर्चा में रहे. सरकारी शिक्षक भी अफसरों की भांति चर्चा में रहना पसंद करते हैं. लिहाजा तरह-तरह के विवाद में खुद को शामिल कर लेते हैं. सूबे के डीईओ-डीपीओ पत्र जारी करने, उसमें अशुद्धि को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. एक प्रभारी प्रधानाध्यापक को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सजा दी है, उस पत्र में ही गलती कर बैठे. डीपीओ साहब ने दंड के तौर पर एक व्यक्ति की ही कटौती कर दी.
डीईओ कार्यालय पूर्वी चंपारण की तरफ से जारी हुआ पत्र
जिला शिक्षा पदाधिकारी पूर्वी चंपारण (स्थापना शाखा) से एक पत्र 12 दिसंबर 2025 को जारी होता है. जिसका ज्ञापांक- 6023 है. इस पत्र में कहा गया है कि चकिया के हरनारायण राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विक्रम कुमार को 21 अगस्त 2025 को निलंबित किया गया था. इस मामले में जांच पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा से जो जांच प्रतिवेदन मिला है, उसमें आरोपों की पुष्टि की गई है. साथ ही निलंबन से मुक्त करने की अनुशंसा की गई है.
डीपीओ ने दंड में एक व्यक्ति को काट दिया.....
इस आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश पर शर्तों के साथ निलंबन मुक्त करने एवं विभागीय कार्यवाही से मुक्त करने का निर्णय लिया जाता है. यह अपने मूल विद्यालय में योगदान करेंगे. डीईओ कार्यालय पूर्वी चंपारण के डीपीओ (स्थापना) ने जो शर्त लगाई है, उसमें कहा है कि निलंबन अवधि का वेतन, जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और देय नहीं होगा. साथ ही असंचयात्मक प्रभाव से एक 'व्यक्ति' की कटौती की जाती है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने जो दूसरा दंड दिया, उसमें एक 'व्यक्ति' की कटौती कर दी. दरअसल, प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ एक 'वेतन वृद्धि' की कटौती की शर्त थी. लेकिन बिना देखे-समझ ही जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने पत्र जारी कर दिया और एक व्यक्ति को काट दिया.
