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29-Dec-2025 01:08 PM
By Viveka Nand
Bihar Education News: बिहार में शिक्षा विभाग के अधिकारी शिक्षा के मामलों में नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. कई अधिकारियों का भ्रष्टाचार से चोली-दामन का रिश्ता रहता है. विभाग में कुछ ऐसे अधिकारी हैं, वो जहां भी जाते हैं, विवादों में घिरे रहते हैं. मोतिहारी में रहते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) साहेब आलम विवादों में घिरे, जांच के भी आदेश हुए, पर कोई एक्शन नहीं हुआ। वो अधिकारी मोतिहारी के बाद गोपालगंज में पदस्थापित हुए, यहां भी शिक्षक से आठ लाख रू रिश्वत मांगने के आरोप लगे । हालांकि जांच का कोई निष्कर्ष नहीं निकला.
डीपीओ साहेब आलम के खिलाफ जांच की फाइल का क्या हुआ...
शिक्षा विभाग के अधिकारी साहेब आलम 30 जून 2025 तक मोतिहारी में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) के पद पर पदस्थापित थे. इसके बाद शिक्षा विभाग ने इन्हें मोतिहारी से स्थानांतरित कर गोपालगंज भेज दिया. मोतिहारी में पदस्थापन के दौरान भी साहेब आलम पर कई गंभीर आरोप लगे. विभाग के स्तर से जांच के आदेश भी दिए गए, पर जांच वाली फाइल डंप कर दी गई. रिजल्ट क्या निकला, यह बताने को कोई तैयार नहीं. जांच के नाम पर फाइल की फेंका-फेकी जारी है. शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) मनोरंजन कुमार ने 1 सितंबर 2025 को तिरहुत प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक को पत्र लिखा. जिसमें पूर्वी चंपारण के तत्कालीन व वर्तमान में गोपालगंज के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साहेब आलम के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर यथाशीघ्र उपलब्ध कराने को कहा था.
आरडीडीई ने जांच वाली फाइल डीईओ को ट्रांसफऱ कर दिया
निदेशक (प्रशासन) के पत्र के आलोक में 40 दिनों बाद जिस अधिकारी को जांच का आदेश दिया गया था, उन्होंने उक्त जांच मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी के हवाले कर दिया. तिरहुत प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक राजदेव राम ने 10 अक्टूबर 2025 को मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखकर डीपीओ साहेब आलम के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करने को कहा. जांच वाली फाइल का क्या हुआ, यह किसी को पता नहीं.
गोपालगंज में भी भ्रष्टाचार के लगे गंभीर आरोप
यह जांच मोतिहारी में पदस्थापन के दौरान की है. गोपालंगज में पदस्थापन के दौरान भी साहेब आलम पर गंभीर आरोप लगे. इसी महीने गोपालंगज के जिला शिक्षा कार्यालय में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया, जिससे पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. डीपीओ स्थापना मो. साहेब आलम, क्लर्क बाबुजान अंसारी और डीपीओ के गाड़ी के चालक पर प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक से 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा. शिक्षक से 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने डीपीओ स्थापना मो. साहेब आलम और क्लर्क बाबुजान अंसारी को अलग-अलग कारण-पत्र (शो- कॉज) जारी किया. दोनों पत्रों में अधिकारियों से 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा गया था. हालांकि इसके बाद मामले को ठंढ़े बस्ते में डाल दिया गया.