Bihar Cabinet Meeting: बुधवार की शाम 5 बजे पटना के मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में चल रही कैबिनेट की बैठक खत्म हो गयी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 20 एजेंडों पर मुहर लगाई गयी है।कैबिनेट की बैठक में दोनों डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र यादव भी मौजूद थे। इस बैठक में यह फैसला लिया गया है कि पटना एयरपोर्ट को बियाडा की एक एकड़ 85 डिसमिल जमीन दी गई है। 


आज कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। बियाडा की यह जमीन भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण को निशुल्क हस्तांतरित की गई है। इस जमीन को एयरपोर्ट से संबंधित आधारभूत संरचना एवं अन्य कार्यों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। करीब आधे घंटे तक चली मंत्रिपरिषद की बैठक अब खत्म हो गयी है। आज की सम्राट कैबिनेट की बैठक में भी कई अहम एजेंडो पर मुहर लगी है। बैठक में दोनों डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र यादव मौजूद रहे। कैबिनेट की मीटिंग में कुल 20 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गयी है, जिसमें बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज की अवधि विस्तार 30 जून 2026 तक किया गया है। निवेशकों की अभिरूचि को देखते हुए ऐसा किया गया है। 


वही मां सीता की जन्म भूमि सीतामढ़ी में निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम मां सीता के नाम पर किया गया है। इस इसका नाम मां सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, सीतामढ़ी करने की स्वीकृति कैबिनेट में प्रदान की गई है। अरवल और शेखपुरा में केन्द्रीय विद्यालय के भवन निर्माण के लिए केन्द्रीय विद्यालय संगठन, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को एक रुपये के टोकन मूल्य पर 30 वर्षों के लिए लीज नवीकरण विकल्प के साथ बंदोबस्त किये जाने की स्वीकृति दी गयी है। 


इन फैसलों में बिहार AI मिशन, 400 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और नगर निकाय चुनाव में ई-वोटिंग शामिल हैं। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 400 इलेक्ट्रिक बसें बिहार में चलाई जाएंगी। पटना में 150 बसें चलेगी जबकि अन्य शहरों में 50-50 बसें संचालित होंगी। इनमें गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया शामिल हैं। इस योजना के लिए 517.16 करोड़ रुपये स्वीकृति प्रदान की गयी है। यह योजना 12 वर्षों तक लागू रहेगी। इससे प्रदूषण कम होगा और बेहतर यातायात की सुविधा मिलेगी। वही नगरपालिका चुनाव 2026 में ई-वोटिंग की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए खास होगी। इसका लाभ बिहार से बाहर रहने वाले मतदाता भी उठा पाएंगे। जिसके ऊपर करीब 31.45 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे मतदान की प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।