Bihar News: पूर्णिया में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि यह कथित कबूतरबाजी और ठगी का खेल शहर के बीचों-बीच गिरजा चौक स्थित हाउसिंग बोर्ड मोहल्ले में खुलेआम चल रहा है, वह भी के.हाट थाना से महज कुछ दूरी पर। आरोप है कि “डीएस वीजा सर्विस प्राइवेट लिमिटेड” नाम की कंपनी युवाओं को दुबई समेत कई देशों में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर उनसे मोटी रकम वसूल रही है।
ठगी का शिकार बने चिमनी बाजार निवासी मो. अजहर ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर विदेश में नौकरी से जुड़ा विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के माध्यम से वह गिरजा चौक स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्हें दुबई में अच्छी सैलरी वाली नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया। इसके बदले कंपनी संचालकों ने उनसे 95 हजार रुपये की मांग की। युवक के अनुसार उसने 50 हजार रुपये एडवांस के तौर पर जमा भी कर दिए।
पीड़ित का आरोप है कि कंपनी ने 8 दिनों के भीतर दुबई भेजने का वादा किया था, लेकिन अब पिछले 4 महीने से लगातार उसे टालमटोल किया जा रहा है। कभी वीजा प्रोसेसिंग तो कभी फ्लाइट की बात कहकर रोज “आज-कल” में मामला घुमाया जा रहा है। मो. अजहर का कहना है कि उसके जैसे कई अन्य युवक भी इस कथित ठगी के शिकार हुए हैं और अपने पैसे व पासपोर्ट को लेकर परेशान घूम रहे हैं।
मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़ित अपने पैसे वापस मांगने कंपनी के कार्यालय पहुंचा। युवक का आरोप है कि वहां कंपनी संचालकों ने बाउंसर बुलाकर उसके साथ मारपीट करवाई। इतना ही नहीं, उसके पास मौजूद पैसे भी छीन लिए गए। घटना के बाद पीड़ित ने के.हाट थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिकायत मिलने के बावजूद अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। आरोप है कि डीएस वीजा सर्विस नाम की यह कंपनी बिना वैध लाइसेंस और बिना इमीग्रेशन रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से संचालित हो रही है। नियमों के अनुसार विदेश भेजने वाली एजेंसियों को अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और लाइसेंस कार्यालय में प्रदर्शित करना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी ने अपने कार्यालय के बाहर कई देशों के नाम और विदेश भेजने से जुड़े बड़े-बड़े बोर्ड लगा रखे हैं, ताकि बेरोजगार युवाओं को आसानी से फंसाया जा सके। अब मामला सामने आने के बाद यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं कंपनी संचालक फरार न हो जाएं और बाद में पुलिस केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाए।
सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले का कथित रशिया कनेक्शन भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि कंपनी कुछ युवकों को रूस भेजने की भी बात कर रही थी, जबकि वहां इस समय युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बिना वैध अनुमति के युवाओं की जिंदगी से इतना बड़ा खिलवाड़ कैसे किया जा रहा है। फिलहाल पीड़ित युवकों ने प्रशासन से कंपनी की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने, ठगी के पैसे वापस दिलाने और इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की मांग की है।