PURNEA: सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर प्रसिद्ध बाबा धीमेश्वर धाम, धीमा मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अहले सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। पूरा मंदिर परिसर और आसपास का इलाका हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
सुबह करीब चार बजे पूजा संपन्न होने के बाद मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। इसके बाद अरघा के माध्यम से भक्तों ने बाबा धीमेश्वर का जलाभिषेक शुरू किया। मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों में भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और उत्साह नजर आया।
मनिहारी से गंगाजल लेकर पहुंचते हैं कांवरिए
बाबा धीमेश्वर धाम में जलाभिषेक के लिए कांवरिए करीब 105 किलोमीटर दूर मनिहारी से पवित्र गंगाजल लेकर पहुंचते हैं। इसके अलावा आसपास के करीब 30 से 40 किलोमीटर के इलाके से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए आते हैं।
धीमेश्वर धाम को ‘सोमांचल का मिनी बाबा धाम’ भी कहा जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, सच्ची श्रद्धा से बाबा का जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं की छवि इस प्राकृतिक शिवलिंग में दिखाई देती है। इसी आस्था के कारण सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।
तीन लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
सावन के अंतिम सोमवार को मंदिर में करीब दो से तीन लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बनमनखी अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मंदिर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रशासन की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।
एक महीने तक लगता है श्रावणी मेला
बताया जाता है कि धीमेश्वर धाम में पूरे श्रावण मास के दौरान एक महीने तक श्रावणी मेला भी आयोजित किया जाता है। यह मेला बिहार सरकार की ओर से आयोजित किया जाता है। सावन के अंतिम सोमवार को यहां श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है, जिसके चलते प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।