Bihar News: बिहार के पूर्णिया जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने सभी को हैरान कर दिया। एक ही कमरे में 16 महिलाएं और 7 पुरुष संदिग्ध अवस्था में पाए गए, जबकि कुल 9 नाबालिग लड़कियों को इस अवैध धंधे के चंगुल से मुक्त कराया गया।
यह पूरी कार्रवाई गुलाबबाग जीरोमाइल इलाके के रेड लाइट एरिया में की गई, जहां पुलिस को लंबे समय से देह व्यापार चलने की सूचना मिल रही थी। इस मामले में एक एनजीओ की अहम भूमिका रही, जिसने पुलिस को इस अवैध गतिविधि की जानकारी दी। इसके बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।
छापेमारी का नेतृत्व सदर एसडीएम दीक्षित श्वेतम और सदर वन एसडीपीओ ज्योति शंकर ने किया। पुलिस की टीम ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। करीब तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई में पुलिस ने हर कोने की तलाशी ली।
सबसे पहले पुलिस ने छह नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद एक बंद कमरे का ताला तोड़ा गया, जहां से 16 महिलाएं और 7 पुरुष बरामद किए गए। इसके अलावा तीन और नाबालिगों को भी मुक्त कराया गया, जो इस गिरोह के चंगुल में फंसे हुए थे। पुलिस ने मौके से कुल 23 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें पुरुष ग्राहक बताए जा रहे हैं।
हालांकि, इस पूरे रैकेट को संचालित करने वाले मुख्य आरोपी और दलाल मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस अब उनकी पहचान करने और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह कोई छोटा नेटवर्क नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह है, जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस अवैध धंधे के पीछे किन-किन लोगों का हाथ है और इसे संरक्षण कौन दे रहा था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि नाबालिग लड़कियों को यहां कैसे लाया गया और उन्हें किस तरह इस जाल में फंसाया गया।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पहले से इस तरह की गतिविधियों का शक था, लेकिन इतनी बड़ी कार्रवाई पहली बार देखने को मिली है।