Bihar Court Judgement: पूर्णिया में शादी के महज एक महीने बाद विवाहिता प्रीति कुमारी की हत्या के मामले में अदालत ने उसके पति और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश शेमा एरम की अदालत ने पति दिलखुश कुमार और सास कुंती देवी को हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. दोनों पर अलग-अलग धाराओं में 75-75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.


मामला सरसी थाना क्षेत्र के बालू टोल वार्ड नंबर तीन का है. यहां 16 अगस्त 2025 को मधेपुरा जिले के पुरैनी थाना क्षेत्र के औराय गांव निवासी सकीचन साह की बेटी प्रीति कुमारी की हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद सरसी थाने में कांड संख्या 152/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.


शादी के करीब एक महीने बाद मिली हत्या की खबर

प्राथमिकी के अनुसार, शादी के बाद प्रीति अपने ससुराल चली गई थी. करीब एक महीने बाद मायके वालों को गांव के लोगों के माध्यम से सूचना मिली कि प्रीति की हत्या कर दी गई है. खबर मिलते ही उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्य ससुराल पहुंचे.


परिजनों का आरोप था कि ससुराल पहुंचने पर घर के लोग वहां मौजूद नहीं थे. इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी. मृतका के पिता के बयान पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की.


गला दबाकर हत्या करने का आरोप

मामले में आरोप लगाया गया था कि प्रीति की उसके पति दिलखुश कुमार और सास कुंती देवी ने मिलकर गला दबाकर हत्या की. हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने का भी आरोप दोनों पर लगाया गया था.


पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद दोनों आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की और मामला अदालत पहुंचा. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक हरे राम ठाकुर ने अदालत के सामने गवाहों और अन्य साक्ष्यों को प्रस्तुत किया.


अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा

मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर अदालत ने पति दिलखुश कुमार और सास कुंती देवी को हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी ठहराया. इसके बाद दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. साथ ही दोनों पर अलग-अलग धाराओं में 75-75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया.


सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को केंद्रीय कारा, पूर्णिया भेज दिया गया.


एक दूसरे मामले में पति और सास को 7-7 साल की सजा

पूर्णिया में ही एक अन्य दहेज हत्या के मामले में अदालत ने पति और सास को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है. मामला रौटा थाना क्षेत्र के पुरानी हाट का है, जहां दहेज की मांग को लेकर विवाहिता अनामिका कुमारी की हत्या का आरोप लगाया गया था.


इस मामले में डगरूआ थाना क्षेत्र के सौरा जाबर निवासी चंदन राय की बेटी अनामिका कुमारी की मौत हुई थी. मृतका की मां लक्ष्मी देवी के बयान पर रौटा थाने में कांड संख्या 276/25 दर्ज किया गया था.


जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश इनाम खान की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद पति मंटु हरिजन और सास फुलझाड़ी देवी को दोषी करार दिया. दोनों को सात-सात साल की सजा के साथ पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया.


इस मामले में आरोप गठन के करीब पांच महीने के भीतर ही सुनवाई पूरी कर अदालत ने फैसला सुना दिया. अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक गोपाल प्रसाद ने अदालत के सामने मामले से जुड़े साक्ष्य पेश किए. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद पति मंटु हरिजन और सास फुलझाड़ी देवी को दोषी माना और सजा सुनाई.