PURNEA:पूर्णिया जिले के बनमनखी अनुमंडल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां गृहरक्षक के रूप में कार्यरत अनुसूचित जाति की महिला कर्मियों ने वेतन के बदले घूस मांगने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि बनमनखी अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी विजय कुमार पर वेतन बिल पर हस्ताक्षर करने के एवज में प्रत्येक महिला से 10-10 हजार रुपये की अवैध वसूली का दबाव बनाने का आरोप है।


पीड़ित महिला कर्मियों का कहना है कि हर महीने पांच दिन के वेतन के बराबर राशि देने के लिए मजबूर किया जाता है। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो 28 अप्रैल की दोपहर करीब 2 बजे उन्हें कार्यालय में बुलाकर गाली-गलौज की गई, अपमानित किया गया और नौकरी से हटाने की धमकी दी गई।


कर्मियों ने पहले बनमनखी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पूर्णिया के एससी-एसटी थाने में मामला दर्ज कराया है।


गृहरक्षक सीता देवी ने आरोप लगाया कि ड्यूटी करने के बावजूद उनकी हाजिरी मनमाने तरीके से काट दी जाती है और सवाल करने पर जातिसूचक गालियां दी जाती हैं। वहीं, गृहरक्षक सुरेश यादव ने कहा कि महिला कर्मियों ने जब अपने अधिकारों की बात की, तो उन्हें धक्का देकर कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।


महिला सिपाही नीतू कुमारी ने बताया कि पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। जब वेतन बिल पर हस्ताक्षर के लिए प्रभारी के पास गईं, तो उनसे 10 हजार रुपये की मांग की गई। उन्होंने यह भी कहा कि 24 घंटे ड्यूटी करने का दबाव बनाया जाता है, जबकि वे सभी महिलाएं हैं और इतनी लंबी ड्यूटी संभव नहीं है। विरोध करने पर उनकी हाजिरी काटने की धमकी दी जाती है।


अन्य कर्मियों का कहना है कि प्रभारी के खिलाफ एससी-एसटी थाने में आवेदन दिया गया है। आरोप है कि पांच दिनों की हाजिरी काट ली गई और घूस की मांग की गई। साथ ही जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर महिला कर्मियों को अपमानित किया गया।


बताया जा रहा है कि अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत गृह रक्षा वाहिनी की छह महिला कर्मी इस स्थिति से काफी परेशान हैं। बार-बार हाजिरी काटे जाने और 24 घंटे ड्यूटी के दबाव के कारण उनमें आक्रोश है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।