पूर्णिया: आपात स्थिति में पुलिस की मदद कितनी तेजी से लोगों तक पहुंचती है, यह किसी भी जिले की पुलिस व्यवस्था की बड़ी कसौटी मानी जाती है। इसी कसौटी पर पूर्णिया पुलिस ने अगस्त 2026 में पूरे बिहार में शानदार प्रदर्शन करते हुए नंबर-1 स्थान हासिल किया है। डायल-112 यानी इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (RSS) के रिस्पांस टाइम में पूर्णिया पुलिस का प्रदर्शन राज्य के सभी जिलों से बेहतर रहा।
यह उपलब्धि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. शौर्य सुमन के निर्देशन और लगातार मॉनिटरिंग में हासिल हुई है। अगस्त महीने में पूर्णिया की डायल-112 टीम ने आपातकालीन कॉल मिलने के बाद बेहद कम समय में घटनास्थल तक पहुंचकर जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराई।
24 दिनों तक बिहार में सबसे तेज रही पूर्णिया पुलिस
अगस्त 2026 के प्रदर्शन आंकड़ों के मुताबिक, पूर्णिया पुलिस की डायल-112 सेवा ने पूरे महीने अपना दबदबा बनाए रखा। अगस्त के 24 दिनों तक पूर्णिया पुलिस रिस्पांस टाइम के मामले में बिहार में पहले स्थान पर रही। सबसे खास बात यह रही कि आपातकालीन सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में औसतन सिर्फ 7 मिनट 37 सेकंड का समय लगा। यह आंकड़ा बताता है कि जिले में इमरजेंसी कॉल पर पुलिस की प्रतिक्रिया कितनी तेज रही।सिर्फ इतना ही नहीं, अगस्त के दौरान दो दिनों तक पूर्णिया पुलिस दूसरे स्थान पर भी रही, जबकि एक दिन चौथे स्थान पर रही। यानी लगभग पूरे महीने जिले की डायल-112 सेवा राज्य के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिलों में बनी रही।
क्या है डायल-112 और क्यों है यह महत्वपूर्ण?
डायल-112 आपातकालीन परिस्थितियों में आम लोगों को पुलिस सहायता उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण सेवा है। किसी व्यक्ति को अपराध, दुर्घटना, विवाद या किसी अन्य आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता की जरूरत होने पर डायल-112 के माध्यम से सूचना दी जा सकती है।इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत है कि कॉल मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र में मौजूद पुलिस रिस्पांस टीम को सूचना भेजी जाती है और टीम जल्द से जल्द मौके पर पहुंचने का प्रयास करती है। ऐसे में रिस्पांस टाइम कम होना सीधे तौर पर पुलिस की कार्यक्षमता और आपातकालीन व्यवस्था की मजबूती से जुड़ा माना जाता है। पूर्णिया पुलिस का 7 मिनट 37 सेकंड का औसत रिस्पांस टाइम इसी दिशा में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
लगातार मॉनिटरिंग और बेहतर समन्वय का असर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह उपलब्धि केवल तकनीकी व्यवस्था का परिणाम नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मियों की तत्परता, बेहतर समन्वय और लगातार निगरानी का भी नतीजा है।डायल-112 से आने वाली हर इमरजेंसी कॉल को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिस टीम को तत्काल सक्रिय किया जाता है। कॉल की लोकेशन और परिस्थिति के आधार पर टीम को मौके पर भेजा जाता है। इसके साथ ही रिस्पांस टाइम की लगातार निगरानी भी की जाती है।वरिष्ठ अधिकारियों की मॉनिटरिंग के कारण टीमों के बीच बेहतर तालमेल बना रहा। इसका सीधा असर आपातकालीन घटनाओं में पुलिस के मौके पर पहुंचने के समय पर देखने को मिला।
पुलिस पर भरोसा बढ़ाने वाली उपलब्धि
पुलिस की कार्यप्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा जनता का भरोसा है। जब किसी आपात स्थिति में पुलिस कम से कम समय में मौके पर पहुंचती है तो इससे आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।पूर्णिया पुलिस की यह उपलब्धि इसी लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पूरे बिहार में डायल-112 रिस्पांस टाइम में प्रथम स्थान हासिल करना जिले की इमरजेंसी पुलिसिंग व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि है।विशेषकर आपराधिक घटनाओं, सड़क दुर्घटनाओं, विवाद और अन्य आपात परिस्थितियों में समय पर पुलिस पहुंचने से स्थिति को बिगड़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।
अगस्त में बना रिकॉर्ड, आगे भी जारी रखने की चुनौती
अगस्त 2026 में 24 दिनों तक नंबर-1 रहने और 7 मिनट 37 सेकंड के औसत रिस्पांस टाइम के बाद अब पूर्णिया पुलिस के सामने इस प्रदर्शन को आगे भी बनाए रखने की चुनौती होगी। पुलिस विभाग की कोशिश होगी कि डायल-112 की टीमों की तत्परता, संसाधनों और मॉनिटरिंग व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जाए। इससे आपात स्थिति में लोगों को और तेजी से पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
कुल मिलाकर, डायल-112 रिस्पांस टाइम में पूर्णिया पुलिस का बिहार में नंबर-1 प्रदर्शन जिले की पुलिस व्यवस्था के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। अगस्त में 24 दिनों तक शीर्ष स्थान और महज 7 मिनट 37 सेकंड का औसत रिस्पांस टाइम यह बताता है कि आपातकालीन पुलिस सेवा को तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में पूर्णिया पुलिस ने मजबूत प्रदर्शन किया है।