PATNA:22 जुलाई को पटना में हुए छात्र प्रदर्शन और हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाकपा (माले) के विधायक संदीप सौरभ और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष धनंजय कुमार को आवास से गिरफ्तार किया गया है।


कोतवाली थाना पुलिस ने दोनों को प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने और दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया।


पुलिस ने विधायक संदीप सौरभ और धनंजय कुमार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) मनीष कुमार उपाध्याय की अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उन्हें पटना के बेऊर केंद्रीय कारा भेज दिया गया।


गौरतलब है कि 22 जुलाई को NEET (UG) पेपर लीक के विरोध में पटना में छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


गिरफ्तार किये जाने से पहले माले विधायक ने मोबाइल से वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वायरल वीडियो में वो यह कहते दिख रहे हैं कि उनके आवास पर पटना पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आई हुई है। यह भी कहते दिखे कि हमसे जो मिलने आए थे, यहां पर जितने लोग थे, उन सभी को भी अरेस्ट किया गया है। हमसे भी कोतवाली थाना चलने को कहा गया है। संदीप सौरव ने कहा कि पटना में पुलिस आतंक मचा रही है। यह सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। हमलोगों को कोतवाली थाना ले जाया जा रहा है। आईसा के बिहार के अध्यक्ष धनंजय को भी गिरफ्तार किया गया है। संदीप सौरभ ने कल के बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की।  


पालीगंज विधायक संदीप सौरभ की गिरफ्तारी के बाद इस बात की चर्चा होने लगी थी कि बीजेपी नेता नीरज कुमार ने संदीप सौरभ और सैकड़ों अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ पटना के सचिवालय थाने में एफआईआर दर्ज कराया था और जान से मारने और लूटपाट करने का आरोप लगाया था। शायद उसी केस में पुलिस उन्हें घर से उठा ले गयी है। लेकिन जब उन्हें और धनंजय कुमार को कोतवाली थाने से सीजेएम मनीष कुमार उपाध्याय की अदालत में पेश किया गया। तब यह बातें निकलकर सामने आई कि दोनों को प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने और दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पेशी के बाद दोनों को 14 दिनों के लिए बेऊर जेल भेज दिया गया।