PATNA:: राज्य में पिछले 86 दिन से जारी राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह के साथ हुई वार्ता के बाद राजस्व कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। राजस्व कर्मचारी 17 सूत्री मांगों को लेकर 9 फरवरी से हड़ताल पर थे।
वार्ता के दौरान विभाग की ओर से कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया गया। आश्वस्त किया गया कि विभागीय स्तर से जुड़ी मांगों का निष्पादन एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा, जबकि राज्य सरकार के स्तर पर लंबित मांगों को एक माह के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में यह भी आश्वासन दिया गया कि हड़ताल अवधि के दौरान जिन कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की गई है, उसे वापस लेने के संबंध में सभी जिला समाहर्ताओं को निर्देश जारी किया जाएगा। इसके अलावा हड़ताल अवधि को अवकाश में समायोजित करने पर भी सहमति बनी है। सभी राजस्व कर्मचारी सोमवार से अपने अपने कार्यस्थल पर हर हाल में योगदान दे देंगे।
हड़ताल समाप्त होने के बाद अब राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी। लंबे समय से अंचल कार्यालयों में लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे थे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजस्व कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर गंभीरता दिखाए जाने के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल में डॉ. चंद्रशेखर चौबे, राज्य अध्यक्ष, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा, फूल कुमार झा, सचिव, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा, लक्ष्मी कांत झा, पूर्व राज्य अध्यक्ष, राहुल रॉय, संयुक्त सचिव, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा, राम कुमार झा महामंत्री, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा, रामोदय कुमार, जिला सचिव, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा, हरीश कुशवाहा, संयुक्त सचिव, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा, इंद्रजीत कुमार, कार्यकारिणी सदस्य, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा, सुनील ठाकुर, जिलाध्यक्ष, कटिहार बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा, अभिषेक त्रिवेदी, मीडिया प्रभारी, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा शामिल थे।