Bihar News: बिहार के पूर्णिया जिले में शादी का झांसा देकर दूसरे राज्यों के युवकों को लूटने वाले एक संगठित गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। बनमनखी पुलिस ने इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है, जो कथित तौर पर ‘लाइनर’ की भूमिका निभाती थी। यह गिरोह बाहर के राज्यों से अविवाहित युवकों को शादी का सपना दिखाकर बुलाता था और फिर सुनसान जगह ले जाकर उनसे लूटपाट करता था।
पुलिस के अनुसार, इस बार गिरोह के निशाने पर राजस्थान के अजमेर जिले के चार युवक थे। उन्हें लड़की दिखाने और शादी तय कराने के बहाने बनमनखी बुलाया गया था। युवक जब यहां पहुंचे तो उन्हें भरोसे में लेकर एक चार पहिया वाहन में बैठाया गया और सुनसान इलाके की ओर ले जाया गया।
रविवार रात आरोपियों ने सुनसान सड़क पर चारों युवकों के साथ मारपीट की। इसके बाद उनके पास मौजूद नकदी, मोबाइल फोन और ट्रॉली बैग लूट लिए गए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ितों के मोबाइल फोन से जबरन 98 हजार रुपये भी अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी युवकों को रसाढ़ इलाके की सुनसान सड़क पर छोड़कर फरार हो गए।
रात करीब डेढ़ बजे रात्रि गश्ती कर रही पुलिस टीम की नजर डरे-सहमे पीड़ितों पर पड़ी। पूछताछ में जब पूरी घटना सामने आई, तो पुलिस ने तत्काल उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और बनमनखी थाना में मामला दर्ज किया गया। इस संबंध में कांड संख्या 87/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शैलेश प्रीतम के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में कौसर खान, मो. मुमताज, आरिफ खान, मकबूल और रीना देवी शामिल हैं। इनमें से तीन आरोपी सुपौल जिले के छातापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं, जबकि एक आरोपी पश्चिम बंगाल और महिला आरोपी मूल रूप से मुजफ्फरपुर तथा वर्तमान में प्रयागराज में रह रही थी।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए चार मोबाइल फोन, एक ट्रॉली बैग, तीन अन्य मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह की तलाश पहले से सुपौल पुलिस भी कर रही थी और इनके खिलाफ कई जिलों में शिकायतें दर्ज हैं।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शैलेश प्रीतम ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से शादी के नाम पर लोगों को जाल में फंसाता था। फिलहाल गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि शादी जैसे पवित्र रिश्ते के नाम पर भी अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने में लगे हैं। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, ताकि दूसरे राज्यों में फैले इनके संपर्कों का भी पता लगाया जा सके।