PATNA:बिहार के 8 जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। गंगा, पुनपुन और दरधा नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने पटना, नालंदा, भोजपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। इन जिलों के कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल चुका है।
पटना के ग्रामीण दियारा क्षेत्रों के बाद अब शहरी इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। स्थिति को देखते हुए पटना में पीएचईडी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक करेंगे।
दक्षिण बिहार की नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी
दक्षिण बिहार की कई नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव संतोष मल्ल ने बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और पानी फैलने की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने को कहा है।
सम्राट चौधरी ने गंगा के बढ़ते जलस्तर का लिया जायजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। बेंगलुरु रवाना होने से पहले उन्होंने पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। शुक्रवार को मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और आला अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे।
नीतीश कुमार ने भी गंगा के जलस्तर का लिया जायजा
पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भी गुरुवार को बाढ़ की आशंका के मद्देनजर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने महात्मा गांधी सेतु से गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। इस दौरान JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा भी मौजूद रहे।
पीएचईडी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण पटना जिले के कई निचले और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। प्रभावित परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने राहत अभियान शुरू किया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर पीएचईडी के सभी पर्यवेक्षकों और जिला कार्यालय के पदाधिकारियों की छुट्टियां बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
कमांड कंट्रोल रूम से पूरे बिहार पर नजर
डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने गुरुवार को जल संसाधन विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जहां-जहां तटबंध टूटने या क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है, वहां की स्थिति का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निरीक्षण किया गया है।
उन्होंने बताया कि दक्षिण बिहार में पुनपुन और दरधा नदी की स्थिति का भी जायजा लिया गया है। गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण भागलपुर में तटबंध टूटने की सूचना के बाद वहां की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
डिप्टी सीएम विजय चौधरी के मुताबिक, स्टीमर की मदद से मेगा जियो बैग लगाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी और इंजीनियर तटबंधों पर मौजूद हैं, जबकि कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से पूरे बिहार की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।