बिहार में बेखौफ हुए अपराधी: दिनदहाड़े CSP में घुसकर की लूटपाट, हथियार के बल पर लूट लिए इतने रूपये बिहार में बेखौफ हुए अपराधी: दिनदहाड़े CSP में घुसकर की लूटपाट, हथियार के बल पर लूट लिए इतने रूपये एक साथ 2 JCB लेकर मटकोर करने पहुंचीं दूल्हे की दोनों बुआ, हाईटेक अंदाज में पूरी हुई रस्म, इलाके में चर्चा का विषय Bihar Road Accident: दर्दनाक हादसे में गई युवक की जान, तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा WhatsApp SIM Verification India: SIM हटाते ही बंद हो जाएगा WhatsApp! भारत में जल्द लागू होने जा रहा नया सिम-बाइंडिंग फीचर, जानें क्या बदलेगा क्या बिहार में यही शराबबंदी है? तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे धंधेबाज, अब ट्रेन की बोगी के नीचे छुपाकर शराब की तस्करी Bihar Road Project: बिहार को मिलेगा एक और सिक्स लेन एक्सप्रेसवे का तोहफा, इन पांच जिलों की बदलेगी तस्वीर Kerala Name Change: अब इस नाम से जाना जाएगा केरल, केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी Kerala Name Change: अब इस नाम से जाना जाएगा केरल, केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी हांगकांग से दिल्ली पहुंची अमेरिकी महिला के बैग से 5.42 करोड़ का माल बरामद, सोना-चांदी के आभूषण और लग्जरी घड़ियां जब्त
26-Dec-2025 12:10 PM
By First Bihar
Vijay Kumar Sinha : बिहार सरकार के भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा एक बार फिर कार्रवाई के लिए सुर्खियों में हैं। पूर्णिया में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम के दौरान एक महिला की जमीन से संबंधित गड़बड़ी सामने आई। इस पर मंत्री ने तुरंत DCLR को निर्देश दिए कि मामले की पूरी समीक्षा करें और दोषी कर्मचारी पर तत्काल कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि मोटेशन में गड़बड़ी सामने आई है और यह स्वीकार्य नहीं है। इसके अलावा उन्होंने सवाल उठाया कि कर्मचारी ने पठनीय दस्तावेज होने के बावजूद कैसे किसी प्रक्रिया को कैंसिल कर दिया। मंत्री विजय कुमार सिन्हा की यह सख्त कार्रवाई विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस पहल से भूमि सुधार विभाग में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
सिन्हा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि DCLR को मामले की पूरी समीक्षा करनी चाहिए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोटेशन में गड़बड़ी सामने आई है, और यह विभाग की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा सकती है। इसके अलावा मंत्री ने यह भी उठाया कि पठनीय दस्तावेज होने के बावजूद कर्मचारी ने किसी प्रक्रिया को कैसे कैंसिल कर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया को और कड़ा किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी न हो। विजय कुमार सिन्हा की यह पहल भूमि सुधार विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भूमि सुधार मंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया कि शिकायतकर्ता के साथ पूरी जानकारी साझा की जाए और उन्हें संतोषजनक जवाब दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी कर्मचारी की गलती को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर हो। यह संदेश पूरे विभाग के लिए अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
इस कदम के बाद, विभागीय अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई तुरंत की जाएगी और भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए प्रणाली को और अधिक कड़ा किया जाएगा। मंत्री विजय कुमार सिन्हा की यह सख्त प्रतिक्रिया बिहार सरकार के उन प्रयासों के अनुरूप है, जिनका उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाना और आम जनता के अधिकारों की रक्षा करना है। उनका कहना है कि भूमि सुधार विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
पूर्णिया में हुई इस घटना ने भूमि सुधार विभाग में सुधार की जरूरत और पारदर्शिता बनाए रखने की अहमियत को फिर से उजागर किया है। मंत्री की इस पहल से विभागीय अधिकारियों को भी यह संदेश गया कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और गलती करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
इस प्रकार, भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक बार फिर अपने कड़े रुख और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाया है। उनका यह कदम न केवल भ्रष्टाचार और लापरवाही को रोकने में मदद करेगा, बल्कि आम जनता के बीच सरकारी विभागों में भरोसा भी बढ़ाएगा। भविष्य में भी यह पहल जनता और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद और पारदर्शिता को बढ़ावा देने का कार्य करेगी।