PATNA: बिहार में बाढ़ का कहर जारी है। गंगा, गंडक, कोसी, पुनपुन समेत कई नदियों में उफान पर है। राज्य के 12 जिलों के 66 प्रखंडों की 330 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बिहार में आई बाढ़ के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से बड़ी मांग कर दी है।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा है कि बिहार का 𝟕𝟔% भूभाग बाढ़ग्रस्त है। बिहार के 𝟏𝟗 जिले इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में हैं, 𝟐𝟎 लाख से अधिक लोग इस आपदा में फंसे हुए हैं, पशुपालकों के मवेशी पानी में डूबकर बह गए है। सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। हजारों करोड़ के जान-माल की क्षति हुई है। दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में उदासीन है।
केंद्र सरकार बिहार की विनाशकारी बाढ़ को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित करते हुए तत्काल बेहाल बिहार की मदद के लिए 𝟓 हजार करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता राशि प्रदान करें तथा बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर्स का सहयोग सुनिश्चित करे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से आग्रह करते है कि वो अविलंब बिहार का दौरा कर यथास्थिति का सर्वेक्षण कर तत्काल राहत पहुँचाए।
वही अगला पोस्ट तेजस्वी यादव ने गया जिले के टिकारी प्रखंड के राम बिगहा महादलित टोला में भुइयां-मुसहर संघ सम्मेलन को लेकर किया है। जहां उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा है कि मनुस्मृति को मानने वाले 𝐑𝐒𝐒 नीत 𝟐𝟏 वर्षों की 𝐍𝐃𝐀 भाजपा सरकार के लोग कभी भी अनुसूचित जाति-जनजाति की उन्नति, प्रगति और समृद्धि नहीं देखना चाहते हैं। यही कारण है कि बिहार में 𝟐𝟏% से अधिक आबादी होने के बावजूद अनुसूचित जाति के पूरे बिहार में केवल 𝟎.𝟏% इंजीनियर और केवल 𝟎.𝟎𝟏𝟓 परसेंट डॉक्टर है। बिहार में सरकारी नौकरी में दलितों की भागीदारी केवल और केवल 𝟏.𝟏𝟑% है।
बिहार के सामाजिक आर्थिक जातीय सर्वे के अनुसार मुसहर/माँझी की बिहार में कुल जनसंख्या 𝟒𝟎 लाख 𝟑𝟓 हज़ार है लेकिन इस जाति में पूरे बिहार में सिर्फ 𝟐𝟎 𝐃𝐨𝐜𝐭𝐨𝐫 और सिर्फ 𝟕𝟔 𝐄𝐧𝐠𝐢𝐧𝐞𝐞𝐫 है। डोम जाति की कुल जनसंख्या 𝟐,𝟔𝟎𝟎𝟎𝟎 है लेकिन डाक्टर सिर्फ 𝟏𝟗 और 𝐄𝐧𝐠𝐢𝐧𝐞𝐞𝐫 सिर्फ 𝟔𝟑 है।
युगों-युगों के बाद आदरणीय लालू जी के नेतृत्व में राजद शासन काल में वंचित, दलित और पिछड़े-अतिपिछड़े वर्गों को समाज में सम्मान, स्वाभिमान और न्याय के साथ मुख्यधारा में सम्मिलित किया गया, उसी का परिणाम है कि आज इन वर्गों में सामाजिक-राजनीतिक चेतना विकसित हुई है।
हमारी पार्टी मुसहर भुइयां समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनैतिक उत्थान के लिए सदा संघर्षशील और प्रयत्नशील रही है। मुसहर भुइयां समाज को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व राजद ने ही दिया है।