Bihar News : गर्मी के मौसम में लोगों को राहत पहुंचाने वाला तरबूज अब सेहत के लिए खतरा बनता नजर आ रहा है। जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित सोनवर्षा गांव में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के आठ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने लगी, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमलेश कुमार ने बताया कि पीड़ितों में एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने के कारण उसे इमरजेंसी से ही हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं अन्य सात लोगों का अस्पताल में इलाज किया गया। इनमें से पांच मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि दो महिलाओं का इलाज अब भी सदर अस्पताल में चल रहा है।


डॉक्टरों के अनुसार इंद्रासन साह की पत्नी लीलावती देवी को अब भी पेट में दर्द की शिकायत है, जबकि उनकी पुत्री गीता देवी की हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है। दोनों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है ताकि किसी प्रकार की गंभीर स्थिति उत्पन्न न हो।


परिजनों ने बताया कि दोपहर में बाजार से तरबूज खरीदकर लाया गया था। परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर उसे खाया। तरबूज खाने के कुछ ही घंटों बाद बच्चों सहित सभी लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। किसी को तेज पेट दर्द हुआ तो किसी को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ते देख पड़ोसियों की मदद से सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।


घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार प्रसाद चक्रवर्ती ने फूड इंस्पेक्टर को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि तरबूज में ऐसा क्या था, जिससे एक साथ पूरे परिवार की तबीयत खराब हो गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।


चिकित्सकों का कहना है कि कई बार फल को जल्दी पकाने, अधिक लाल दिखाने या ताजा बनाए रखने के लिए खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। तरबूज में नाइट्रेट, कृत्रिम रंग एरिथ्रोसिन या कार्बाइड जैसे रसायन मिलाए जाने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे रसायन शरीर में पहुंचने पर फूड पॉइजनिंग जैसी स्थिति पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा डॉक्टरों ने यह भी आशंका जताई कि लंबे समय तक कटे हुए या धूप में खुले में रखे तरबूज में बैक्टीरिया पनप सकते हैं। ऐसे संक्रमित फल खाने से उल्टी-दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।


घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बाजार से फल खरीदते समय उसकी गुणवत्ता पर ध्यान दें। पहले से कटे हुए फल खरीदने से बचें और खुले में लंबे समय तक रखे फल का सेवन न करें। साथ ही, फल खाने से पहले उसे अच्छी तरह धोना भी जरूरी है। सोनवर्षा गांव की इस घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि गर्मी में राहत देने वाले फल भी लापरवाही और मिलावट के कारण जानलेवा साबित हो सकते हैं।