Bihar News: SIR को लेकर जारी राजनीतिक बहस और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के बीच बिहार में छूटे हुए पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग ने जोर दिया है। इसके तहत पात्र नए मतदाताओं को फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।



चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत बिहार में ऐसे योग्य नागरिकों की पहचान और पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।



अभियान के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करेंगे, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। पात्र पाए जाने पर संबंधित नागरिक का फॉर्म-6 भरवाकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जरूरत के अनुसार मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों के जरिए लोगों को मतदाता पंजीकरण और फॉर्म-6 से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।



इसके अलावा मजदूरों की कॉलोनियों, आश्रय स्थलों, बेघर नागरिकों और अन्य कमजोर वर्गों के लोगों तक पहुंचने के लिए भी विशेष कैंप आयोजित करने की व्यवस्था की गई है, ताकि ऐसे लोग भी मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटें।



अभियान के दौरान BLO द्वारा तैयार की गई पात्र मतदाताओं की सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ साझा किया जाएगा। अभियान के बाद निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी द्वारा मतदान केंद्रवार सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी।



इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी राज्य, जिला और निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी स्तर पर की जाएगी। चुनाव आयोग का जोर पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने और “कोई मतदाता न छूटे” के लक्ष्य को पूरा करने पर है।

रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना