Vikramshila Setu : लंबे समय से विक्रमशिला सेतु पर आवागमन की समस्या झेल रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर तैयार किए गए बेली ब्रिज से 7 जून से हल्के वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। राज्य सरकार ने आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र कुमार ने बताया कि भागलपुर और नवगछिया के बीच संपर्क का मुख्य साधन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु को अस्थायी रूप से फिर से चालू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बेली ब्रिज के निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद सरकार ने इसे वाहनों के लिए खोलने का निर्णय लिया है।
मंत्री ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं विक्रमशिला सेतु का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, सुरक्षा मानकों और यातायात व्यवस्था की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने लोगों को जल्द राहत देने के उद्देश्य से 7 जून से बेली ब्रिज पर सीमित वाहनों के परिचालन की मंजूरी दी।
सरकार के अनुसार शुरुआती चरण में केवल हल्के वाहनों को ही बेली ब्रिज से गुजरने की अनुमति होगी। भारी और ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे पुल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और लोगों को सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।
पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में श्रावणी मेला शुरू होने वाला है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज और देवघर की यात्रा के लिए इस मार्ग का उपयोग करते हैं। इसके अलावा मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में बेली ब्रिज का संचालन क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विक्रमशिला सेतु के स्थायी समाधान के लिए आधुनिक तकनीक से ट्रस ब्रिज निर्माण का कार्य किया जाएगा। इसके लिए 15 सितंबर से बड़े पैमाने पर मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम शुरू होगा। निर्माण कार्य के दौरान पुल के क्षतिग्रस्त स्लैब को काटकर हटाया जाएगा और उनकी जगह नई संरचना तैयार की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक ट्रस ब्रिज का निर्माण कार्य नवंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो 30 नवंबर के बाद विक्रमशिला सेतु पर छोटे और बड़े सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि सितंबर से नवंबर तक निर्माण कार्य के दौरान विक्रमशिला सेतु पर यातायात पूरी तरह बंद रहेगा। इसलिए बेली ब्रिज को फिलहाल अस्थायी लेकिन महत्वपूर्ण समाधान के रूप में तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विक्रमशिला सेतु देश का दूसरा ऐसा पुल बन गया है जहां क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज का निर्माण किया गया है। इससे पहले लद्दाख में सेना द्वारा इसी प्रकार की तकनीक का उपयोग किया गया था।
पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल विक्रमशिला सेतु ही नहीं बल्कि बिहार के सभी पुलों और पुलियों की स्थिति की व्यापक समीक्षा कर रही है। जिन संरचनाओं को मरम्मत या रखरखाव की आवश्यकता है, वहां समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार पुलों की सुरक्षा के लिए आधुनिक और अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी काम कर रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं से बचा जा सके।