Bihar News : बिहार के भागलपुर और सीमांचल के जिलों के बीच आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से जाम और यातायात दबाव की समस्या झेल रहे लोगों को अब राहत मिलने वाली है। विक्रमशिला सेतु के समानांतर तैयार किए गए नए बेली ब्रिज पर रविवार सुबह से वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने इस महत्वपूर्ण व्यवस्था को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।


आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बेली ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही शुरू करने से पहले शनिवार शाम को इसका अंतिम ट्रायल किया जाएगा। इस फाइनल ट्रायल के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के वाहनों के साथ-साथ शहर के कई प्रतिष्ठित चिकित्सकों एवं बुद्धिजीवियों के वाहनों को भी पुल से गुजारा जाएगा। इसका उद्देश्य पुल की मजबूती, सुरक्षा और परिचालन क्षमता का अंतिम परीक्षण करना है।


शुक्रवार को समीक्षा भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने पुल से जुड़ी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बेली ब्रिज को सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और फिलहाल इस पर केवल हल्के एवं मध्यम श्रेणी के वाहनों के संचालन की अनुमति दी जाएगी।


प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 10 टन तक भार क्षमता वाले वाहनों को ही बेली ब्रिज से गुजरने की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त 10 से 12 यात्रियों की क्षमता वाले पैसेंजर वाहनों का परिचालन भी यहां से किया जा सकेगा। भारी वाहनों को फिलहाल इस पुल से गुजरने की अनुमति नहीं दी गई है।


यातायात को व्यवस्थित बनाए रखने और जाम की स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। बेली ब्रिज के दोनों छोरों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई है। ये जवान वाहनों को कतारबद्ध तरीके से नियंत्रित करेंगे और एक-एक कर सुरक्षित रूप से पुल पार कराएंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से पुल पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।


सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और ट्रैफिक नियमों का सम्मान करने की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि बेली ब्रिज का इससे पहले भी कई बार सफल परीक्षण किया जा चुका है और हर बार इसके परिणाम संतोषजनक रहे हैं।


जिलाधिकारी और एसएसपी ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि परिचालन के शुरुआती दिनों में कुछ समय तक 'क्यू सिस्टम' लागू रहेगा। ऐसे में लोगों को धैर्य बनाए रखना होगा और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह नई व्यवस्था क्षेत्र की यातायात समस्याओं को काफी हद तक कम करने में मददगार साबित होगी।


इसी बीच बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेंद्र शनिवार को भागलपुर पहुंचेंगे। मंत्री बेली ब्रिज का निरीक्षण करेंगे और निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लेंगे। इसके बाद रविवार को उनके द्वारा औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर पुल पर वाहनों के परिचालन की शुरुआत कराई जाएगी।


गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु पर बढ़ते यातायात दबाव और लगातार लगने वाले जाम को देखते हुए इस वैकल्पिक बेली ब्रिज का निर्माण किया गया है। इसके शुरू होने से भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और अन्य सीमांचल जिलों के लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का दावा है कि यह व्यवस्था क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाएगी।