Bihar MLC Election 2026 : बिहार की सियासत में पटना स्नातक MLC चुनाव को लेकर बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। जदयू विधायक अनंत सिंह के जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में उतरने और NDA उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा लेने के बाद राजनीतिक माहौल गरम है। इसी बीच अनंत सिंह को लेकर मंत्री विजय कुमार सिन्हा के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। जिस विजय सिन्हा ने कुछ दिन पहले अनंत सिंह को लेकर कहा था कि उन्हें ऐसा करने दीजिए, यह चुनाव पढ़े-लिखे वोटरों का है, वही अब अनंत सिंह को ‘अभिभावक’ बता रहे हैं।
दरअसल, विजय कुमार सिन्हा से जब अनंत सिंह के अनुज सिंह के समर्थन में उतरने और नीरज कुमार के विरोध को लेकर सवाल पूछा गया था, तब उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा था कि उन्हें ऐसा करने दीजिए। यह चुनाव पढ़े-लिखे वोटरों का चुनाव है। विजय सिन्हा के इस बयान पर अनंत सिंह ने भी पलटवार किया था।
अनंत सिंह ने सवाल उठाया था कि उनकी यात्रा में जिस तरह की भीड़ जुट रही है, क्या वह अनपढ़ लोगों की भीड़ है? क्या सिर्फ विजय कुमार सिन्हा ही पढ़े-लिखे हैं? इसके साथ ही अनंत सिंह ने विजय सिन्हा पर हमला बोलते हुए कहा था कि जिस तरह से वह बोल रहे हैं, जल्द ही उनकी कहानी खत्म होने वाली है।अब इसी पूरे विवाद पर विजय कुमार सिन्हा का नया बयान सामने आया है। इस बार विजय सिन्हा ने अनंत सिंह के खिलाफ किसी तरह की तल्ख टिप्पणी करने से साफ परहेज किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अनंत सिंह के विषय में कुछ भी नहीं बोलना है। विजय सिन्हा ने यहां तक कहा कि चुनाव के समय चुनाव की बात कीजिए, लेकिन हम यहां चुनाव वाले कार्यक्रम में नहीं आए हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा विजय सिन्हा के उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने अनंत सिंह को NDA गठबंधन का माननीय विधायक और अभिभावक बताया। विजय सिन्हा ने कहा कि अनंत बाबू NDA गठबंधन के माननीय विधायक हैं। वह अभिभावक हैं और हम अपनी पार्टी तथा गठबंधन के लोगों का सम्मान करते हैं। यही नहीं, विजय सिन्हा ने आगे कहा कि सभी लोगों से गठबंधन के उम्मीदवार को जीताने की अपील की जा रही है। यानी पहले जहां अनंत सिंह के अनुज सिंह के समर्थन को लेकर उन्होंने ‘पढ़े-लिखे वोटरों’ का हवाला दिया था, वहीं अब उनके बयान में अनंत सिंह के लिए सम्मान और रिश्ते को बनाए रखने वाला अंदाज दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक तौर पर विजय सिन्हा का यह बदला हुआ रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अनंत सिंह NDA के घटक दल जदयू के विधायक हैं। वह खुले तौर पर अनुज सिंह के समर्थन में हैं, जबकि NDA की ओर से नीरज कुमार को जिताने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में अनंत सिंह पर सीधा हमला करने के बजाय उन्हें ‘अभिभावक’ बताना गठबंधन के भीतर बढ़ते विवाद को संभालने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।वहीं अनंत सिंह अभी भी अपने रुख पर कायम हैं। वह अनुज सिंह के समर्थन में लगातार सक्रिय हैं और नीरज कुमार को लेकर अपनी नाराजगी पहले भी कई बार जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में अब बड़ा सवाल यही है कि
विजय सिन्हा का ‘अभिभावक’ वाला बयान क्या अनंत सिंह और NDA के बीच बढ़ती तल्खी को कम कर पाएगा या फिर पटना स्नातक MLC चुनाव तक यह सियासी खींचतान जारी रहेगी? फिलहाल इतना जरूर है कि पहले ‘पढ़े-लिखे वोटर’ और अब ‘अभिभावक’—अनंत सिंह को लेकर विजय सिन्हा के दो बयानों ने बिहार की सियासत में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।