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12-Mar-2026 09:00 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार में अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व सेवा के अधिकारियों की हड़ताल को लेकर सरकार और प्रशासन के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। हड़ताली CO और कर्मचारियों को समझाने बुझाने की कोशिशें नाकाम होने के बाद डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा एक्शन में आ गए हैं। अब हड़ताली अंचलाधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बता दें हड़ताल के तीसरे दिन बुधवार को भी बड़ी संख्या में अधिकारी काम पर नहीं लौटे, जिसके कारण राज्य के आधे से अधिक अंचल कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। जमीन से जुड़े मामलों से लेकर विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों के निर्गमन तक कई जरूरी सेवाएं बाधित हो गई हैं।
एक्शन में विजय सिन्हा
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर अब इस मामले में कड़ा रुख अपनाने का फैसला ले लिया गया है। उनके निर्देश के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल पर गए अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने जिलों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जिलों से मांगी गई उपस्थिति रिपोर्ट
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राजस्व सेवा संवर्ग के अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों की उपस्थिति का ब्योरा जिलों से मांगा है। इसके लिए विभाग की ओर से भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, भू-अर्जन निदेशालय और चकबंदी निदेशालय के निदेशकों के साथ-साथ सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिला समाहर्ताओं (डीएम) को पत्र भेजा गया है।
पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि बिहार राजस्व सेवा के अधिकारी 9 मार्च से हड़ताल पर हैं, जिसके कारण कई अंचल कार्यालयों में कामकाज ठप पड़ गया है। विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिलों में कितने अधिकारी हड़ताल में शामिल हैं और कितने अपने कार्यस्थल पर मौजूद रहकर काम कर रहे हैं, इसकी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में भेजी जाए।
दो फरवरी से चल रहा है आंदोलन
बता दें कि राजस्व अधिकारियों का आंदोलन पहले भी हुआ था। दो फरवरी को भी अधिकारियों ने हड़ताल का आह्वान किया था। बाद में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा से बातचीत के बाद हड़ताल तोड़ा गया था लेकिन इसके बाद अब 9 मार्च से एक बार फिर हड़ताल शुरू की गई है। विभाग ने दोनों चरणों की हड़ताल के दौरान अधिकारियों की उपस्थिति का विस्तृत ब्यौरा मांगा है।
जमीन और प्रमाणपत्र से जुड़े काम प्रभावित
अधिकारियों की हड़ताल का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। अंचल कार्यालयों में जमीन से जुड़े कई अहम काम जैसे दाखिल-खारिज, जमीन विवाद से संबंधित प्रक्रिया, भू-अभिलेख सुधार और म्यूटेशन जैसे कार्य प्रभावित हो गए हैं। इसके अलावा जाति, आय और निवास जैसे आवश्यक प्रमाणपत्रों के निर्गमन का काम भी कई जगहों पर बाधित हो गया है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हड़तालियों पर हो सकती है सख्त कार्रवाई
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने साफ संकेत दिया है कि जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। विभाग का कहना है कि अंचल कार्यालयों के संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
साथ ही, जो अधिकारी हड़ताल में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। सरकार के इस रुख से यह साफ हो गया है कि वह अब लंबे समय तक हड़ताल जारी रहने के पक्ष में नहीं है और कामकाज सामान्य कराने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।