VAISHALI: इस वक्त की बड़ी खबर वैशाली से आ रही है, जो महिला थाने से जुड़ी हुई है। महिला थाना की थानेदार पूर्णिमा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। पुलिस अवर निरीक्षक पूर्णिमा कुमारी पर कांड से नाम हटाने के एवज में डीआईजी के नाम पर एक लाख रुपया घूस मांगने का आरोप है। घूस मांगने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुजफ्फरपुर, तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक के निर्देश पर एसएसपी ने यह कार्रवाई की। वैशाली के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बात की जानकारी दी गयी है।
एसएसपी कार्यालय की ओर से यह बताया गया है कि महिला थाना कांड संख्या 64/25 से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो क्लिप के संबंध में पुलिस उप महानिरीक्षक, तिरहुत क्षेत्र, मुजफ्फरपुर महोदय के आदेशानुसार उक्त ऑडियो क्लिप का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के क्रम में ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता एवं पूछताछ में यह बात प्रकाश में आया कि ऑडियो दिनांक 22 अगस्त 2026 का है, साथ ही थाना परिसर में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज का सत्यापन करने का भी प्रयास किया जा रहा है।
उक्त संपूर्ण मामले की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-2, लालगंज द्वारा की गई। जांच के दौरान वायरल ऑडियो क्लिप में महिला थाना कांड संख्या 64/25 के अभियुक्त के परिजन से बातचीत के क्रम में अभियुक्त को कांड से नाम हटाने के एवज में अनैतिक लाभ की मांग किए जाने से संबंधित तथ्य सामने आए। जांच के क्रम में संबंधित पुलिसकर्मियों एवं अन्य व्यक्तियों से पूछताछ कर उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों का परीक्षण किया गया।
जांच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया महिला थाना की थानाध्यक्ष पु०अ०नि० पूर्णिमा कुमारी का आचरण उक्त मामले में अनैतिक एवं संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। उनके उक्त आचरण उपरांत जांच प्रतिवेदन के आधार पर पु०अ०नि० पूर्णिमा कुमारी, थानाध्यक्ष महिला थाना, वैशाली को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
बताया जाता है कि पुलिस विभाग में कार्यरत डायल 112 पर तैनात चालक से DIG ऑफिस के नाम पर एक केस से नाम हटाने के लिए एक लाख रुपये घूस वैशाली की महिला थाने की थानेदार द्वारा मांगी गयी थी। बातचीत के दौरान उसका ऑडियो बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इस ऑडियो की पुष्टि फर्स्ट बिहार नहीं करता है। लेकिन वैशाली जिले के महिला थानाध्यक्ष द्वारा DIG ऑफिस के नाम पर पीड़ित से एक लाख रुपये रिश्वत मांगे जाने का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मामला संज्ञान में आने के बाद तिरहुत रेंज के प्रभारी डीआईजी सत्यनारायण कुमार ने संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच का आदेश दे दिया।
दरअसल वैशाली जिले की महिला थानेदार पूर्णिमा कुमारी वायरल ऑडियो में पीड़ित वैशाली के पुलिस लाईन में कार्यरत डायल 112 के चालक नवलेश कुमार से तिरहुत क्षेत्र के DIG ऑफिस से लीडर द्वारा ₹1 लाख रूपए रिश्वत मांगे जाने की बात कहती हुई सुनी जा सकती है। हालांकि इस वायरल ऑडियो की पुष्टि फर्स्ट बिहार नहीं करता है। यह जांच का विषय है, जिसकी जांच के निर्देश खुद डीआईजी ने दी।।
बताया जा रहा है की मामला पति-पत्नी के विवाद से जुड़ा हुआ है जहां पत्नी द्वारा अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर महिला थाना में 64 /25 जान से मारने की कोशिश किए जाने का एक मामला दर्ज कराया गया था जिसमें महिला अपने पति नवलेश कुमार जो वैशाली जिले के पुलिस लाइन में डायल 112 पर चालक के रूप में कार्यरत है और अपने ससुराल पक्ष के अन्य लोगों को आरोपित किया गया था। उसी मामले में पीड़ित पक्ष को सहायता पहुंचाने के लिए महिला थाना प्रभारी पूर्णिमा कुमारी के द्वारा तिरहुत क्षेत्र के डीआईजी कार्यालय के नाम पर पीड़ित से 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है जिसका ऑडियो अब सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल होने लगा।
वही मामला संज्ञान में आने के बाद तिरहुत क्षेत्र के डीआईजी सत्यनारायण कुमार ने पूरे मामले में संज्ञान लेते हुए वायरल ऑडियो के जांच का आदेश दे दिये। उक्त संपूर्ण मामले की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-2, लालगंज द्वारा की गई। जांच के दौरान वायरल ऑडियो क्लिप में महिला थाना कांड संख्या 64/25 के अभियुक्त के परिजन से बातचीत के क्रम में अभियुक्त को कांड से नाम हटाने के एवज में अनैतिक लाभ की मांग किए जाने से संबंधित तथ्य सामने आए। जांच के क्रम में संबंधित पुलिसकर्मियों एवं अन्य व्यक्तियों से पूछताछ कर उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों का परीक्षण किया गया।
जांच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया महिला थाना की थानाध्यक्ष पु०अ०नि० पूर्णिमा कुमारी का आचरण उक्त मामले में अनैतिक एवं संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। उनके उक्त आचरण उपरांत जांच प्रतिवेदन के आधार पर पु०अ०नि० पूर्णिमा कुमारी, थानाध्यक्ष महिला थाना, वैशाली को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
वैशाली से विक्रमजीत की रिपोर्ट