PATNA: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर छात्रों के आंदोलन तेज होने की आशंका के मद्देनजर सरकार ने कोचिंग संचालकों को हड़काया है. पटना में आज प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों के साथ बैठक की. इसमें उन्हें कड़ी चेतावनी मिली- अगर आंदोलन में किसी कोचिंग संचालक या शिक्षक की भूमिका सामने आई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.
बड़े आंदोलन की तैयारी
दरअसल, सरकार को ये खबर मिली थी कि TRE-4 को लेकर छात्र बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. पटना कॉलेज से बड़े प्रदर्शन की तैयारी चल रही थी, जिसकी सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया. आनन फानन में आज पटना के बहादुरपुर थाना में जिला प्रशासन ने पटना के प्रमुख शिक्षकों और कोचिंग संचालकों के साथ बैठक की गई. इस बैठक में एसडीएम, एडिशनल एसपी(ASP) और बहादुरपुर थाना प्रभारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
प्रशासन ने दी शिक्षकों को चेतावनी
बैठक में शामिल शिक्षक गुरु रहमान ने बताया कि प्रशासन ने शिक्षकों और कोचिंग संचालकों को साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर आंदोलन में किसी शिक्षक या कोचिंग संचालक की भूमिका सामने आई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन के सख्त रूख के बाद गुरू रहमान सर ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है. शिक्षक कभी ऐसा काम नहीं करेंगे जिससे माहौल खराब हो। हमारा काम पढ़ाना है, हम उसी में जुटे रहेंगे.
पुलिस ने पूरी जानकारी
इस बैठक में मौजूद प्रशासनिक औऱ पुलिस अधिकारियों ने शिक्षकों से उनके क्लास टाइमिंग के बारे में भी विस्तार से पूछा। शिक्षकों ने बताया कि सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक उनकी कक्षाएं चलती हैं। प्रशासन ने शिक्षकों से आग्रह किया कि इस दौरान छात्रों को पढ़ाई में पूरी तरह व्यस्त रखा जाए ताकि वे आंदोलन में शामिल न हो सकें. प्रशासन की रणनीति स्पष्ट रूप से छात्रों को आंदोलन से दूर रखने पर केंद्रित है.
छात्रों में नाराजगी बरकरार
दूसरी ओर, TRE-4 वैकेंसी न निकलने को लेकर छात्रों में गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। लंबे समय से बेरोजगार युवा शिक्षक भर्ती की नई अधिसूचना की मांग कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि बिहार सरकार बार-बार आश्वासन दे रही है, लेकिन वैकेंसी जारी करने में देरी हो रही है. कई छात्र संगठनों ने पटना में बड़े प्रदर्शन की तैयारी की है, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद कर दी गई है.
इस बैठक में रहमान सर के अलावा एसके झा समेत पटना के कई प्रमुख शिक्षक और कोचिंग संचालक शामिल हुए. बैठक का मुख्य उद्देश्य किसी भी हिंसात्मक गतिविधि को रोकना और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना था.
प्रशासन की दोतरफा रणनीति
एक ओर जिला प्रशासन शिक्षकों पर दबाव बना रहा है तो दूसरी तरफ छात्रों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहा है. अधिकारियों का मानना है कि अगर शिक्षक छात्रों को आंदोलन से दूर रखेंगे तो स्थिति नियंत्रण में रह सकती है. हालांकि छात्रों का आंदोलन पूरी तरह थमने के आसार अभी नजर नहीं आ रहे हैं. शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि TRE-4 की प्रक्रिया को लेकर सरकार जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है.
इस बीच पटना सहित पूरे बिहार में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।छात्रों का आंदोलन अब न केवल वैकेंसी की मांग तक सीमित है, बल्कि बिहार में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और समयबद्धता पर भी सवाल उठा रहा है. आंदोलन कितना आगे बढ़ता है और प्रशासन इसे कैसे संभालता है, यह आने वाले दिनों में देखना होगा.
ब्यूरो रिपोर्ट, फर्स्ट बिहार, पटना