यातायात विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आरा शहर में मुख्य प्रवेश द्वार माने जाने वाले जीरो माइल, चंदवा मोड़ और धरहरा मोड़ से बड़े वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। इसका सीधा अर्थ है कि ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों को इन चार दिनों तक शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यही नहीं, स्थिति को और नियंत्रित करने के लिए चारपहिया और दोपहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।


पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) मनोज कुमार सुधांशु ने बताया कि दशहरा के अवसर पर आरा शहर में लाखों लोग जुटते हैं। पूजा पंडालों और मेलों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यदि वाहनों को खुली छूट दी जाती है, तो शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति बन सकती है। ऐसे हालात में आम श्रद्धालुओं और दर्शकों को परेशानी झेलनी पड़ती। इसी कारण प्रशासन ने वाहनों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है, ताकि लोग सुरक्षित और आराम से त्योहार का आनंद उठा सकें।


उन्होंने लोगों से अपील की कि शहर आने से पहले नए ट्रैफिक नियमों की जानकारी जरूर ले लें। बिना जानकारी के आने पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों को आवश्यक कार्य से शहर आना होगा, वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।


आरा में दुर्गा पूजा के दौरान यह पहला मौका नहीं है, जब यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हों। पिछले कई वर्षों से दशहरा पर्व पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए इसी तरह के कदम उठाए जाते रहे हैं। इस बार भीड़ और अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि पूरे जिले से लोग आरा शहर का रुख करते हैं।


यातायात विभाग का कहना है कि भीड़भाड़ के दिनों में पैदल चलना ही सबसे सुरक्षित और सरल विकल्प रहेगा। इससे जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति से बचा जा सकेगा। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कदम लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।


इस प्रकार दशहरा के पावन अवसर पर जब आरा शहर धार्मिक उत्साह और उल्लास से सराबोर होगा, तब नई ट्रैफिक व्यवस्था लोगों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करेगी। प्रशासनिक स्तर पर किए गए इन बदलावों से उम्मीद की जा रही है कि त्योहार शांति और सुव्यवस्था के बीच संपन्न होगा।