Bihar Politics : बिहार के मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। अब इस पूरे मामले पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस दौरान उन्होंने अनंत सिंह पर तंज कसते हुए पुराने राजनीतिक घटनाक्रम की भी याद दिलाई।


दरअसल, पत्रकारों ने जब तेजस्वी यादव से अनंत सिंह की जमानत रद्द होने और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर सवाल किया तो उन्होंने सबसे पहले पूछा कि जमानत के खिलाफ याचिका किसने दाखिल की थी? पत्रकारों ने जवाब दिया कि यह याचिका नीरज कुमार की ओर से दाखिल की गई थी, जो दुलारचंद यादव के पोते हैं। यह सुनते ही तेजस्वी यादव ने कहा, "अच्छा!" इसके बाद उन्होंने कहा कि न्यायालय का फैसला है और सभी लोग अपना-अपना काम कर रहे हैं।


हालांकि, तेजस्वी यादव का बयान यहीं नहीं रुका। उन्होंने अनंत सिंह और उनकी पत्नी की ओर से पहले लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए पुराने राजनीतिक संबंधों पर भी निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि जब अनंत सिंह की धर्मपत्नी ने आरोप लगाया था और खुद अनंत सिंह भी यह कह रहे थे कि उन्हें सरकार फंसा रही है, तब परिस्थितियां कुछ और थीं। तेजस्वी यादव ने तंज भरे अंदाज में कहा कि जब अनंत सिंह उनके यहां से गद्दारी करके चले गए तो शायद सरकार उनके लिए अच्छी हो गई थी। अब इस पूरे मामले में क्या हुआ और किसकी क्या भूमिका रही, यह तो अनंत सिंह ही बताएंगे।


तेजस्वी के इस बयान को बिहार की मौजूदा राजनीति में अनंत सिंह के पुराने राजनीतिक रिश्तों और सत्ता पक्ष के साथ उनके जुड़ाव पर निशाने के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर अदालत के फैसले पर कोई टिप्पणी करने के बजाय अनंत सिंह के पुराने बयानों और राजनीतिक पाला बदलने के घटनाक्रम को सामने रखकर अपनी बात कही।


बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने पत्रकारों के एक पुराने वायरल वीडियो का भी जिक्र किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में पत्रकार से कहा कि आपको तो अनंत सिंह जी ने बताया था कि सरकार कैसे चलती है और सरकार कैसी है? तेजस्वी की इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच राजनीतिक चर्चा का एक नया विषय बन गया।


गौरतलब है कि दुलारचंद यादव हत्याकांड बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान काफी चर्चा में रहा था। इस मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया था। बाद में पटना हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी। अब इसी जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अनंत सिंह की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, तेजस्वी यादव के बयान ने इस मामले को राजनीतिक रंग भी दे दिया है। एक तरफ अदालत का फैसला है तो दूसरी तरफ बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता दिख रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अनंत सिंह आगे क्या कदम उठाते हैं और इस पूरे घटनाक्रम पर सत्ता पक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।