पटना: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आयोजित लोकभवन मार्च को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान कथित AK-47 से फायरिंग और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में आरजेडी की ओर से यह मार्च निकाला जा रहा है। मार्च को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। इसी बीच लालू-राबड़ी परिवार के करीबी रहे और अब बीजेपी में शामिल हो चुके नेता मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है।
बीजेपी नेता मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी यादव के मार्च को लेकर कहा कि यह जनता के मुद्दों का मार्च नहीं, बल्कि पार्टी बचाओ और नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी बचाओ मार्च है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विधानसभा में सदन की कार्यवाही चल रही थी, तब तेजस्वी यादव विदेश घूम रहे थे। तिवारी ने कहा कि बिहार की सम्राट सरकार छात्रों और नौजवानों के भविष्य को संवारने के लिए काम कर रही है, जबकि विपक्ष राजनीति के नाम पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।
मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी यादव के प्रदर्शन पर तंज कसते हुए इसे 'उपद्रवियों का मार्च' तक करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं और छात्रों के हित में योजनाओं और रोजगार से जुड़े काम कर रही है। ऐसे में विपक्ष को सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए, न कि सड़क पर प्रदर्शन करके व्यवस्था को प्रभावित करना चाहिए।
नीरज कुमार ने भी साधा निशाना
तेजस्वी यादव के मार्च को लेकर जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने भी आरजेडी पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए तेजस्वी यादव से राजनीतिक विरोध करने की अपील करते हुए कहा कि विरोध के दौरान राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
नीरज कुमार ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन तिरंगे की गरिमा से किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। दरअसल, मार्च में शामिल होने के लिए आरजेडी कार्यकर्ताओं के बीच राष्ट्रीय ध्वज बांटे गए हैं। कई कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर प्रदर्शन में शामिल होते नजर आए।
जेपी गोलंबर से शुरू हुआ मार्च
आरजेडी की ओर से पटना में आयोजित विरोध मार्च गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से शुरू हुआ। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लोकभवन की ओर बढ़ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन छात्रों और युवाओं के मुद्दों तथा सीवान में हुई फायरिंग की घटना के विरोध में किया जा रहा है।
मार्च को देखते हुए पटना पुलिस ने कई स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। खास तौर पर डाकबंगला चौराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते हुए स्थिति को नियंत्रित रखा जाए।
डाकबंगला चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात
ASP लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि आरजेडी की तरफ से लोकभवन मार्च आयोजित किया गया है। पुलिस की कोशिश है कि प्रदर्शन को डाकबंगला चौराहे पर ही रोक दिया जाए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को संयम के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ASP ने जवानों से कहा कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्थिति में लाठी का इस्तेमाल समझदारी और जरूरत के मुताबिक ही किया जाए। प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकना है।
सड़क पर विपक्ष, सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश
तेजस्वी यादव के इस मार्च को बिहार की राजनीति में विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। आरजेडी सरकार पर छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठा रही है। वहीं, सत्ता पक्ष विपक्ष के आंदोलन को राजनीतिक ड्रामा करार देकर पलटवार कर रहा है।
एक तरफ तेजस्वी यादव सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहे हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी और जेडीयू के नेता उनके मार्च को लेकर हमलावर हैं। ऐसे में पटना की सड़कों पर चल रहा यह राजनीतिक प्रदर्शन आने वाले दिनों में बिहार की सियासत को और गरमा सकता है।
फिलहाल पुलिस की भारी तैनाती के बीच मार्च आगे बढ़ रहा है। प्रशासन की नजर प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों और डाकबंगला चौराहे की स्थिति पर बनी हुई है। अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव और आरजेडी कार्यकर्ताओं को लोकभवन तक पहुंचने दिया जाता है या पुलिस उन्हें रास्ते में ही रोक देती है।