PATNA: बिहार में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में विलंब, निरंतर पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने एवं परिणाम जारी होने में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों में व्याप्त गहरे असंतोष, चिंता और उनकी मांगों को सुनने व उन्हें पूर्ण करने को लेकर बिहार विधानसभा के नेता विरोधी दल और राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है, और छात्रों की यथास्थिति से अवगत कराया।
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जो पत्र लिखा है, उसमें इस बात का जिक्र है कि बिहार में सरकारी नौकरियों की प्रतीक्षा कर रहे लाखों योग्य अभ्यर्थियों में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अत्यधिक विलंब, बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और परिणाम जारी होने में हो रही देरी को लेकर गहरा असंतोष और चिंता व्याप्त है। हाल ही में मैंने पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर आंदोलनरत छात्र-अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी न्यायोचित मांगों को सुना है।
युवाओं के भविष्य एवं राज्य की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु आपसे निम्नलिखित विषयों पर त्वरित एवं ठोस कार्रवाई की अपेक्षा है-
1. TRE-4 एकल परीक्षा का आयोजन हो तथा "One Candidate, One Result" की नीति लागू की जाए।
2. LET एवं BET परीक्षाओं का एक Fixed Timeline में नियमित आयोजन सुनिश्चित हो।
3. BPSC (सिविल सेवा) मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ होने वाले भेदभाव को तुरंत समाप्त किया जाए।
4. दारोगा, सिपाही, BSSC, BPSC सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए।
5. पूर्व की विवादित परीक्षाओं की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों व भर्ती माफियाओं पर कठोर कार्रवाई हो।
6. सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति, आयु सीमा में छूट, आरक्षण एवं डोमिसाइल नीति का कड़ाई से पालन एवं अतिथि सहायक प्राध्यापकों के सेवा-संरक्षण पर तत्काल न्यायसंगत निर्णय लिया जाए।
7. BSSC Intermediate, CGL, ASO, BSO, लाइब्रेरीयन और लेखपाल सहित सभी लंबित परीक्षाओं की तिथियां शीघ्र घोषित कर पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध किया जाए।
8. सभी परीक्षाओं का एक Annual Exam Calendar अनिवार्य रूप से जारी हो।
9. राज्य के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता सुनिश्चित की जाए और शैक्षणिक सत्रों को नियमित किया जाए ।
मेरा सरकार से विशेष आग्रह है कि आंदोलनरत युवाओं की आवाज की अनदेखी न की जाए तथा उनसे सकारात्मक संवाद स्थापित कर उनकी मांगों का त्वरित समाधान निकाला जाए।
मेरी माँग है कि बिहार के लाखों छात्र-युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस विषय पर तत्काल आवश्यक कदम उठाया जाए अन्यथा छात्रों युवाओं की एकजुटता सरकार को ऐसा करने के लिए मजबूर कर देगी।