Bihar Politics : बिहार की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार सरकार के पास अब कोई पैसा नहीं बचा है और जनता से किए गए वादों को पूरा करने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने पहले भी सरकार से सवाल पूछा था कि महिलाओं को दूसरी किस्त कब दी जाएगी, पेंशन की राशि कब मिलेगी और आम जनता को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। लेकिन सरकार इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय जनता को गुमराह करने में लगी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लगातार बिजली दरों में बढ़ोतरी कर रही है, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। तेजस्वी ने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब सरकार उन वादों से पीछे हटती नजर आ रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री के हालिया बयान पर भी निशाना साधा। जिसमें सम्राट ने हरे गमछे वाले का जिक्र किया था। इसको लेकर तेजस्वी ने कहा कि “हरा गमछा हो या नीला गमछा”, इस तरह की बातें मुख्यमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देतीं। तेजस्वी यादव ने कहा कि इस तरह के बयान सरकार की मानसिकता को दर्शाते हैं और यह दिखाता है कि सत्ता में बैठे लोगों के अंदर कितनी नफरत भरी हुई है।
उन्होंने कहा कि बिहार में लोगों को जाति, रंग और पहचान के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है। लेकिन बिहार की जनता अब सब समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी। तेजस्वी ने कहा कि राज्य की जनता विकास, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर जवाब चाहती है, लेकिन सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगी हुई है।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में बेरोजगारी और महंगाई लगातार बढ़ रही है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और गरीब परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार केवल बयानबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि जनता को अब यह महसूस होने लगा है कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, लेकिन जमीन पर काम नहीं होता। महिलाओं को आर्थिक सहायता, वृद्धों को पेंशन और युवाओं को नौकरी देने जैसे वादे अब अधूरे दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री और सत्ताधारी दल की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।