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15-Jun-2025 04:49 PM
By First Bihar
PATNA: आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आज नीतीश कुमार पर बेहद तीखा हमला बोला. तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में हाल में गठित हुए बोर्ड-निगम और आयोग में नेताओं के दामादों को सेट करने के बजाय नीतीश कुमार को एक जमाई यानि दामाद आयोग का ही गठन कर देना चाहिये. तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के प्रधान सचिव ने अपनी पत्नी को महिला आयोग में सेट करा लिया, वहीं जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की दोनों बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार का वकील नियुक्त कर लिया गया है.
खास दामाद आयोग बना दीजिये
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में अभी कई आयोग और बोर्ड-निगम का गठन किया गया है. उनमें स्व. रामविलास पासवान के दामाद मृणाल पासवान, जीतन राम मांझी के दामाद देवेंद्र मांझी और मंत्री अशोक चौधरी के दामाद सायण कुणाल को जगह दिया गया है. तेजस्वी ने कहा कि नेताओं के दामादों को अगल-अलग जगह देने के बजाय नीतीश कुमार को जमाई आयोग ही बना देना चाहिये. उसमें नीतीश कुमार की भूंजा पार्टी के सदस्यों के साथ साथ उनके खास अधिकारियों के दामादों को जगह दे देना चाहिये.
बता दें कि रामविलास पासवान के दामाद और चिराग पासवान के जीजा मृणाल पासवान को अनुसूचित जाति आयोग में अध्यक्ष बनाया गया है. इसी आयोग में जीतन राम मांझी के दामाद देवेंद्र मांझी को उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं, अशोक चौधरी के दामाद सायण कुणाल को बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड का सदस्य बनाया गया है.
संजय झा की बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में वकील बनाया गया
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की दो बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार का वकील बना दिया गया है. दोनों को बिहार सरकार का एडवोकेट ऑन रिकार्ड बनाया गया है. जिन वकीलों के पास 20-20 साल का अनुभव होता है, उन्हें भी ये पद नहीं मिल पाता है. लेकिन कार्यकारी अध्यक्ष के दो बेटियों को एडवोकेट ऑन रिकार्ड के पद से नवाजा गया है.
सुप्रीम कोर्ट में जानबूझ कर केस हारेगी बिहार सरकार
तेजस्वी यादव ने कहा कि क्या सुप्रीम कोर्ट में वकील बनाने के लिए बिहार सरकार को कोई दूसरा काबिल वकील नहीं मिला. सुप्रीम कोर्ट में बेहद गंभीर मामलों की सुनवाई होती है. वहां आरक्षण, जातीय जनगणना, गंभीर अपराध, बड़े भ्रष्टाचार जैसे मामलों की सुनवाई होती है. क्या जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष की बेटियां ऐसे केस लड़ने में सक्षम हैं. जाहिर है बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट में अपना केस हारना मंजूर है. तभी अनुभवहीन बच्चियों को पद दे दिया गया.
सुपर सीएम ने अपनी पत्नी को आयोग का सदस्य बनाया
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचेतावस्था में हैं. वे सरकार नहीं चला रहे हैं. बिहार के असली सीएम तो डीके बॉस हैं. तेजस्वी के कहने का मतलब था मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार. उन्होंने कहा कि डीके बॉस की पत्नी को महिला आयोग का सदस्य बनाया गया है. बताया गया है कि वे शिक्षाविद हैं. क्या बिहार में कोई दूसरा कोई शिक्षाविद नहीं है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि दीपक कुमार की पत्नी को महिला आयोग का सदस्य बनाने के लिए जो नोटिफिकेशन जारी किया गया, उसमें पति का नाम ही नहीं दिया गया है, पिता का नाम दिया है. यानि पति का छिपाया गया है. वहीं असली पता भी नहीं लिखा गया है. जाहिर है इसका मतलब है चोर की दाढ़ी में तिनका.
प्रधानमंत्री का परिवारवाद पर हमला कहां गया
तेजस्वी यादव ने कहा कि बोर्ड, निगम और आयोग में पद के लिए भाजपा, जेडीयू के निष्ठावान कार्यकर्ता बेचारे बनकर इंतजार करते रहे. सारी मलाई दामाद, पत्नी और बेटी के हिस्से आ गयी. प्रधानमंत्री जी आकर परिवारवाद पर भाषण देते हैं. लेकिन बिहार में क्या हो रहा है. परिवार के लोगों को छिपा-छिपा कर रेवड़ी खिलाया जा रहा है. प्रधानमंत्री जी को बिहार के लिए स्पेशल अरेजमेंट कर देना चाहिये. परिवारवाद पर हमलोगों को ज्ञान देते हैं. लेकिन ये लोग क्या कर रहे हैं. उस पर कुछ बोलेंगे.
सुप्रीम कोर्ट में वकील की नियुक्ति के लिए स्पेशल आर्डर निकाला गया. 20 साल के अनुभव वाले को जगह नहीं मिलती है. लेकिन इन दोनों को साल-दो साल का अनुभव नहीं है और उन्हें एओआर बना दिया गया. खास बात ये भी है कि जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष की पुत्रियों की नियुक्ति के लिए पदों को जानबूझ कर लंबे समय तक खाली रखा गया. यानि बिहार सरकार जानबूझ कर सुप्रीम कोर्ट में केस हारना चाह रही थी.