Bihar News : जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को छात्र आंदोलन के दौरान हिरासत में लेने के बाद अब उन्हें न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया है। शनिवार को हुई इस कार्रवाई के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। तेज प्रताप यादव के वकील और पार्टी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, तेज प्रताप यादव को पटना के सिटी मॉल के पास से पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें नौबतपुर थाना ले जाया गया, जहां देर रात तक रखा गया। बाद में उन्हें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बेउर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।
इस पूरे मामले में तेज प्रताप यादव के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि बिना किसी दर्ज मामले के उनके मुवक्किल को गिरफ्तार किया गया। वकील के अनुसार, 25 जुलाई को तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके खिलाफ एफआईआर 26 जुलाई को दर्ज की गई।
जगन्नाथ सिंह ने बताया कि उन्होंने अदालत में तेज प्रताप यादव की रिहाई के लिए आवेदन दिया। इस पर अदालत ने कहा कि फिलहाल उन्हें रिमांड पर भेजा जा रहा है और नियमित जमानत के लिए सोमवार को बेल याचिका दाखिल की जा सकती है।
वकील ने यह भी कहा कि वह सुबह करीब 10 बजे नौबतपुर थाना पहुंचे थे। उस समय वहां दो पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर के अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आखिर किस आधार पर तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन उन्हें एफआईआर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई।
वहीं, जनशक्ति जनता दल की नेता वीणा मानवी ने भी पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार ही करना था तो उन्हें उसी समय गिरफ्तार किया जा सकता था, जब वे दिन में झंडा फहरा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि देर शाम इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
वीणा मानवी ने कहा, "अगर आपको गिरफ्तार करना था तो दोपहर में ही कर लेते। जिस समय उन्होंने झंडा फहराया था, उसी समय कार्रवाई कर सकते थे। इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र की हत्या है।"
गौरतलब है कि छात्र आंदोलन के दौरान तेज प्रताप यादव प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। शुरुआत में पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया था कि उन्हें कहां रखा गया है और किस मामले में कार्रवाई की गई है। बाद में उनके नौबतपुर थाना में होने और फिर अदालत में पेशी की जानकारी सामने आई।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। विपक्ष पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से अब तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सोमवार को तेज प्रताप यादव की ओर से अदालत में जमानत याचिका दाखिल किए जाने की संभावना है।