मुजफ्फरपुर में ईद पर विरोध प्रदर्शन, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जताया विरोध बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, बिहार दिवस पर बिहारी वोटर्स को लुभाने की कोशिश मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच
06-Dec-2025 11:10 AM
By SANT SAROJ
Police Transfer Order : सुपौल जिले में अपराध नियंत्रण को सख्ती से लागू करने और विधि-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से सुपौल पुलिस कप्तान एसपी शरथ आर.एस. ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आधिकारिक आदेश के तहत डीआईयू प्रभारी सेल इंस्पेक्टर रामसेवक रावत को सुपौल सदर थाना का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, वर्तमान सदर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध कुमार को उनके पद से हटाते हुए पुलिस केंद्र सुपौल में भेजा गया है। एसपी के इस फैसले को जिले में बदलते अपराध ग्राफ और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया निर्णायक कदम माना जा रहा है।
आधिकारिक आदेश के मुताबिक, एसपी ने कहा है कि नव-नियुक्त सभी पुलिस पदाधिकारी 24 घंटे के भीतर अपने-अपने नए पदस्थापन स्थान पर योगदान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि योगदान के बाद पदाधिकारी को अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करना अनिवार्य होगा। एसपी का आदेश साफ बताता है कि पुलिस विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसपी शरथ आर.एस. ने अपने निर्देश में यह भी कहा है कि यदि किसी पदाधिकारी की अर्हता अपूर्ण पाई जाती है, या नियुक्ति की शर्तों का पालन नहीं होता है, तो ऐसे मामलों में पदस्थापन आदेश स्वतः निरस्त माना जाएगा। उनके इस निर्देश को पुलिस महकमे में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यह भी माना जा रहा है कि सुपौल जिले के संवेदनशील थाना क्षेत्रों में अपराध रोकथाम और आम जनता को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह बड़ा परिवर्तन किया गया है।
फेरबदल के साथ ही एसपी ने स्थानांतरित सभी पुलिस पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि वे अपने पुराने पदस्थापन स्थल से संबंधित संचिका, कांड, वारंट, आवेदन, परिवाद आदि महत्वपूर्ण दस्तावेजों को एक सप्ताह के भीतर संबंधित प्रतिष्ठान प्रधान को विधिवत हस्तांतरित करें। उन्होंने यह भी कहा है कि किसी भी प्रकार की चूक या फाइलों के विलंबित हस्तांतरण को गंभीरता से लिया जाएगा। इससे न सिर्फ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी आएगी।
पुलिस केंद्र सुपौल के परिचारी प्रवर को इस पूरे आदेश की निगरानी और सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक पदाधिकारी के योगदान, दस्तावेजों के हस्तांतरण तथा आदेश के अनुपालन की नियमित रिपोर्ट तैयार कर एसपी कार्यालय को भेजी जाए। इससे उच्च अधिकारियों को भी यह जानकारी मिल सकेगी कि कौन पदाधिकारी आदेश का समय पर पालन कर रहा है और कौन नहीं।
गौरतलब है कि सुपौल सदर थाना जिले के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त थानों में से एक माना जाता है। शहर में बढ़ते आवागमन, व्यापारिक गतिविधियों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों तथा जिले के कई अहम प्रशासनिक प्रतिष्ठानों के कारण इस थाना क्षेत्र में पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में डीआईयू प्रभारी के रूप में बेहतर छवि और अनुभव रखने वाले इंस्पेक्टर रामसेवक रावत को सदर थाने की कमान सौंपना पुलिस कप्तान के द्वारा लिया गया एक सुविचारित निर्णय माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस फेरबदल के बाद पुलिस महकमे में कार्य संस्कृति में भी सुधार की उम्मीद है। नए पदभार ग्रहण करने वाले पदाधिकारी जहां अपनी नई जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं जनता को भी भरोसा है कि उन्हें पुलिस की ओर से बेहतर और प्रभावी सेवा मिलेगी।