Bihar News : सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात पुलिस टीम पर हुए हमले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। महादलित टोला में शराब के नशे में हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर स्थानीय उपद्रवियों ने अचानक हमला बोल दिया। इस घटना में एक एएसआई और एक महिला होमगार्ड घायल हो गए, जबकि सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इतना ही नहीं, हमलावरों द्वारा महिला पुलिसकर्मी की राइफल छीने जाने की बात भी सामने आई है, जिसे बाद में गांव के समीप झाड़ियों से बरामद किए जाने की चर्चा है। फिलहाल पुलिस ने मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है।


जानकारी के अनुसार घटना शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे की है। राघोपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि पंचायत के वार्ड संख्या-4 स्थित महादलित टोला में कुछ युवक शराब के नशे में हंगामा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवकों से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में स्थिति सामान्य दिख रही थी, लेकिन कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया।


स्थानीय लोगों के मुताबिक पूछताछ के दौरान कुछ युवक आक्रामक हो गए और पुलिस टीम के साथ बहस करने लगे। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दर्जनों लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में पुलिस की जिप्सी के शीशे टूट गए और वाहन को भारी नुकसान पहुंचा।


घटना के दौरान महिला पुलिसकर्मी को घेरकर उसकी राइफल छीन लेने की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि काफी खोजबीन के बाद राइफल को गांव के समीप गम्हरिया उपशाखा नहर के किनारे झाड़ियों से बरामद कर लिया गया।


हमले में एएसआई अंजय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद इलाज के दौरान पांच टांके लगाए गए। वहीं महिला होमगार्ड काजल कुमारी भी घायल हो गईं। दोनों को देर रात रेफरल अस्पताल राघोपुर में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।


घायल एएसआई अंजय कुमार ने बताया कि पुलिस टीम सरकारी सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची थी। पुलिस कुछ लोगों से पूछताछ कर ही रही थी कि अचानक कुछ लोगों ने हमला शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि आसपास मौजूद लोग भी वहां से भागने लगे। पुलिस बल कम होने की वजह से तत्काल हालात पर काबू पाना मुश्किल हो गया।


रेफरल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राहुल झा ने बताया कि दोनों घायल पुलिसकर्मियों को शनिवार देर रात अस्पताल लाया गया था। एक पुलिस अधिकारी के सिर में गंभीर चोट थी, जबकि महिला होमगार्ड को भी चोटें आई थीं। उपचार के बाद दोनों खतरे से बाहर हैं।


घटना को लेकर गांव की एक महिला रिंकू देवी ने बताया कि अधिकांश लोग रात में खाना खाकर सो चुके थे। कुछ युवक शराब के नशे में शोर-शराबा कर रहे थे। इसी बीच पुलिस पहुंची और पूछताछ शुरू की। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस ने गांव में कई लोगों के साथ मारपीट की। हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।


घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। सुपौल एसपी शरथ आर एस और वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। देर रात तक गांव में पुलिस बल की तैनाती रही।


पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटनास्थल के वीडियो फुटेज, स्थानीय लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।