Bihar Police Action : सुपौल जिले के रतनपुरा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। राष्ट्रीय राजमार्ग-106 (NH-106) पर शराब से लदी तेज रफ्तार गाड़ी ने सड़क किनारे जा रहे एक किराना दुकानदार को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद अनियंत्रित वाहन ने एक ट्रैक्टर को भी जोरदार टक्कर मार दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
मृतक की पहचान रतनपुरा थाना क्षेत्र निवासी मनोज कुमार मेहता के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मनोज कुमार मेहता स्थानीय बाजार में किराना दुकान चलाते थे और सुबह किसी काम से सड़क किनारे जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक संदिग्ध वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मनोज कुमार मेहता गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद वाहन चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और आगे जाकर एक ट्रैक्टर से टकरा गया। टक्कर के बाद वाहन क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण चालक और उसमें सवार लोग भाग नहीं सके। स्थानीय लोगों ने तुरंत वाहन को घेर लिया और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही रतनपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाहन शराब तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से चालक और एक कथित शराब तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि NH-106 पर लगातार तेज रफ्तार और अवैध गतिविधियों के कारण हादसे बढ़ रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। वाहन को जब्त कर लिया गया है और शराब की खेप कहां से लाई जा रही थी तथा कहां पहुंचाई जानी थी, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क पर आए दिन तेज रफ्तार वाहनों का आतंक बना रहता है। कई बार प्रशासन से स्पीड कंट्रोल और पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग की गई, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्ती की जाती तो शायद मनोज कुमार मेहता की जान बच सकती थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं, इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।