Bihar Airport News: सोनपुर में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की घोषणा के बाद बिहटा एयरपोर्ट परियोजना के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। करीब 459.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले टर्मिनल भवन का अब तक सिर्फ 2 प्रतिशत काम पूरा हुआ है, जबकि पिछले चार महीने से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है।



बिहार में एयर कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी बीच सोनपुर में राज्य का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की घोषणा के बाद बिहटा एयरपोर्ट के प्रोजेक्ट की उपयोगिता को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।



जानकारी के मुताबिक, बिहटा एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन के निर्माण पर करीब 459.99 करोड़ रुपये खर्च होने थे। निर्माण एजेंसी ने फाउंडेशन के लिए जमीन की खुदाई करने के साथ सरिया भी बांध दिया था, लेकिन इसके बाद काम रुक गया। पिछले चार महीने से निर्माण बंद रहने और बारिश के कारण खोदे गए हिस्सों में पानी जमा हो गया है।



एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने टर्मिनल भवन के निर्माण का ठेका एक रूसी कंपनी को दिया था। योजना के अनुसार टर्मिनल भवन को वर्ष 2027 तक तैयार किया जाना था। हालांकि, मौजूदा स्थिति में तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करना चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।



बिहटा से करीब 55 किलोमीटर दूर सोनपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की घोषणा ने बिहटा एयरपोर्ट की उपयोगिता को लेकर बहस तेज कर दी है। वहीं, बिहटा से करीब 30 किलोमीटर दूर पटना एयरपोर्ट पर लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से नया टर्मिनल पहले ही तैयार हो चुका है।



ऐसे में भविष्य में यात्रियों के सामने एक ही क्षेत्र में कई बड़े एयरपोर्ट विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। इसी वजह से बिहटा एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की संभावनाओं को लेकर भी पहले जैसी स्थिति नहीं रह गई है।



मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नागर विमानन मंत्रालय बिहटा एयरपोर्ट के लिए पूर्णिया मॉडल पर विचार कर रहा है। इसके तहत बड़े टर्मिनल के बजाय छोटा टर्मिनल बनाया जा सकता है और उड़ान योजना के तहत छोटे विमानों के जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है।हालांकि, परियोजना पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। माना जा रहा है कि भविष्य में इसके स्वरूप और क्षमता में बदलाव किया जा सकता है।



बिहटा एयरपोर्ट के टर्मिनल, पार्किंग और अन्य निर्माण कार्यों के लिए बिहार सरकार ने 116 एकड़ से अधिक जमीन उपलब्ध कराई है। वहीं, रनवे विस्तार के लिए करीब 191.8 एकड़ जमीन का सर्वे भी किया जा चुका है। बिहटा को पटना से जोड़ने के लिए एलिवेटेड रोड का निर्माण भी कराया जा रहा है। 




खास बात यह है कि बिहटा का मौजूदा 2499 मीटर लंबा रनवे पटना, गया और देवघर एयरपोर्ट के रनवे से भी लंबा है। ऐसे में बिहटा एयरपोर्ट की परियोजना पर फिलहाल निर्माण की धीमी रफ्तार, आसपास विकसित हो रहे एयरपोर्ट और सोनपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के बीच भविष्य की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।