Bomb Squad : बिहार के सीवान रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्लेटफॉर्म नंबर-1 के फुट ओवरब्रिज पर एक लावारिस ट्रॉली बैग पड़ा मिला। बैग की जांच के दौरान हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से बीप की आवाज आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। संदिग्ध सामान होने की आशंका को देखते हुए आरपीएफ ने बिना कोई जोखिम लिए बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया।
लावारिस बैग मिलने की सूचना के बाद स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था अचानक बढ़ा दी गई। एहतियात के तौर पर ट्रॉली बैग वाले इलाके की घेराबंदी कर दी गई और यात्रियों की आवाजाही को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। प्लेटफॉर्म और फुट ओवरब्रिज पर मौजूद यात्रियों के बीच भी यह जानने को लेकर चिंता बढ़ गई कि आखिर बैग के अंदर क्या रखा है।
मेटल डिटेक्टर में बीप के बाद बढ़ी सतर्कता
बताया जा रहा है कि प्लेटफॉर्म नंबर-1 के फुट ओवरब्रिज पर एक ट्रॉली बैग लावारिस हालत में पड़ा था। काफी देर तक जब कोई व्यक्ति बैग लेने नहीं पहुंचा तो सुरक्षा कर्मियों को शक हुआ। आरपीएफ की टीम ने बैग के आसपास की स्थिति का जायजा लिया और प्राथमिक सुरक्षा प्रक्रिया के तहत इलाके को सुरक्षित किया।
इसके बाद बैग की जांच के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड और दूसरे सुरक्षा उपकरणों की भी मदद ली गई। आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में पूरे एहतियात के साथ ट्रॉली बैग की जांच की गई।
मेटल डिटेक्टर से बीप की आवाज आने की वजह से शुरुआत में किसी संदिग्ध या विस्फोटक वस्तु की आशंका ने चिंता बढ़ा दी थी। सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बैग की पूरी तरह जांच की, ताकि किसी भी तरह का खतरा न रहे।
बैग खुला तो अंदर मिले कपड़े
जांच पूरी होने के बाद सबसे बड़ी राहत की बात सामने आई। ट्रॉली बैग के अंदर किसी भी तरह का विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला। जांच में पता चला कि बैग में कपड़े रखे हुए थे। कपड़ों में मेटल की चेन लगी थी। इसके अलावा बैग के अंदर एक बेल्ट भी मिली, जिसमें धातु का हिस्सा लगा हुआ था।
सुरक्षा टीम की जांच में माना गया कि इन्हीं धातु वाले सामान की वजह से हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से बीप की आवाज आई होगी। विस्फोटक नहीं मिलने की पुष्टि के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली और स्टेशन पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई।
किसका है ट्रॉली बैग? जीआरपी कर रही जांच
हालांकि जांच के बाद खतरा टल गया, लेकिन मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह ट्रॉली बैग स्टेशन पर किस यात्री ने छोड़ा था। फिलहाल बैग को जीआरपी की निगरानी में रखा गया है और पुलिस उसके मालिक की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बैग स्टेशन पर कब से पड़ा था और उसे वहां कौन छोड़कर गया। सीसीटीवी फुटेज के जरिए भी बैग के आसपास आने-जाने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा सकती है। इससे बैग के वास्तविक मालिक तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कुछ देर यात्रियों की बढ़ी रही चिंता
रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर लावारिस बैग मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों का सतर्क होना स्वाभाविक है। खासकर जब मेटल डिटेक्टर से बीप की आवाज सुनाई दे, तो किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही वजह रही कि आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके को सुरक्षित किया और बम निरोधक दस्ते की मदद से बैग की जांच कराई।
जांच में विस्फोटक नहीं मिलने के बाद यात्रियों और रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली। शुरुआती आशंका गलत साबित हुई और बैग में सिर्फ कपड़े तथा धातु वाले सामान मिले। अब पुलिस का ध्यान बैग के मालिक का पता लगाने पर है।फिलहाल सीवान रेलवे स्टेशन पर स्थिति सामान्य है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर लावारिस सामान को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की अहमियत सामने ला दी है। यात्रियों से भी अपील की जाती है कि वे अपना सामान स्टेशन पर लावारिस न छोड़ें और किसी संदिग्ध वस्तु या बैग को देखते ही तत्काल रेलवे सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें।