Indian Railway News: बिहार में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए सितंबर के अंत और अक्टूबर की शुरुआत में परेशानी बढ़ सकती है. सिमरिया के पास गंगा नदी पर बने नए रेल पुल को मुख्य रेल लाइन से जोड़ने के लिए रेलवे की ओर से प्री-एनआई और एनआई कार्य कराया जाएगा. इस वजह से 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक बरौनी और आसपास के रेल रूट पर चलने वाली 47 ट्रेनों का परिचालन रद्द रहेगा. इसके अलावा कई ट्रेनों को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों का आंशिक समापन और प्रारंभ किया जाएगा.


पटना और बेगूसराय जिले के बीच सिमरिया के पास गंगा नदी पर राजेंद्र पुल के समानांतर नए रेल पुल का निर्माण पूरा हो चुका है. अब इस पुल से रेल परिचालन शुरू करने की तैयारी है. इसी क्रम में दानापुर मंडल के राजेंद्र पुल, ऊपरी हाथीदह जंक्शन, टाल जंक्शन और रामपुर डुमरा के साथ-साथ सोनपुर मंडल के दिनकर ग्राम सिमरिया क्षेत्र में रेलवे की ओर से कनेक्टिविटी का काम किया जाएगा.


रेलवे के अनुसार, दिनकर ग्राम सिमरिया स्टेशन की ओर राजेंद्र पुल पर डबल लाइन सुविधा के साथ नए रेल पुल को जोड़ने और दिनकर ग्राम सिमरिया से बरौनी जंक्शन के बीच मुख्य रेल लाइन का कनेक्शन तैयार करने के लिए प्री-एनआई का काम 21 सितंबर से शुरू होगा. इसके बाद एनआई का कार्य पूरा कराया जाएगा. पूरी प्रक्रिया 4 अक्टूबर तक चलेगी.


21 सितंबर से शुरू होगा काम

नए पुल को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए होने वाले इस कार्य के कारण इस रूट पर ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है. पूर्व मध्य रेल की ओर से जारी सूचना के अनुसार, 21 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच अलग-अलग तारीखों में कुल 47 ट्रेनों को रद्द किया गया है.


इसमें जयनगर-पटना और सहरसा-राजेंद्रनगर जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें भी शामिल हैं. हावड़ा-जयनगर, भागलपुर-मुजफ्फरपुर समेत कई प्रमुख ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित रहेगा.


इन ट्रेनों का परिचालन रहेगा रद्द

कई ट्रेनों के रूट में भी बदलाव

रेलवे ने कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाने और कुछ ट्रेनों का आंशिक समापन या प्रारंभ करने का निर्णय भी लिया है. ऐसे में इस रूट से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी ट्रेन के निर्धारित परिचालन की पहले से जानकारी लेने की सलाह दी गई है.


यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा के दिन स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें. रद्दीकरण और रूट में बदलाव के कारण बिना जानकारी के स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.


वैकल्पिक रेलमार्ग के इस्तेमाल की मांग

इस बीच रेल-रोड यात्री संघ के मुनेश्वर झा, हरिमोहन मिश्र और सुमित कुमार समेत अन्य लोगों ने ट्रेनों के बड़े पैमाने पर रद्द किए जाने पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सिमरिया के नए डबल ट्रैक रेल पुल को चालू करने के दौरान रेलवे ने बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है, लेकिन मुंगेर स्थित श्रीकृष्ण सेतु वाले वैकल्पिक रेलमार्ग का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.


यात्री संघ से जुड़े लोगों का कहना है कि रेलवे को उपलब्ध वैकल्पिक रेलमार्गों का इस्तेमाल करते हुए यात्रियों की परेशानी कम करने की कोशिश करनी चाहिए.