PATNA: हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने विपक्ष पर मुद्दाविहीन राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनता के वास्तविक सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्ष लगातार अपने मुद्दे बदल रहा है। शरण ने तंज कसते हुए कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के बाद अब विपक्ष अगड़ा-पिछड़ा के नाम पर नया एजेंडा खड़ा करने में जुट गया है। 


हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने विपक्ष की मुद्दाविहीन राजनीति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष का हाल अब ऐसा हो गया है कि वह हर विषय पर विशेषज्ञ बनने की कोशिश करता है, लेकिन किसी एक मुद्दे पर सप्ताह-दस दिन भी टिक नहीं पाता। कभी इजराइल-फिलिस्तीन पर वैश्विक विशेषज्ञ बनने लगते हैं, तो कभी ईरान-अमेरिका के मुद्दे पर ज्ञान देने लगते हैं। फिर जैसे ही वहां उनके दावों और दलीलों की कलई खुलती है और झूठ का पर्दाफाश होता है, वे उस मुद्दे से चुपचाप किनारा कर लेते हैं और नया मुद्दा तलाशने निकल पड़ते हैं।


श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि लगता है देश में गैस, पेट्रोल और डीजल की सारी समस्याएं रातों-रात समाप्त हो गई हैं, तभी विपक्ष हर कुछ दिनों पर अपना मुद्दा बदल देता है। कभी जीडीपी में उछाल आते ही अचानक अर्थशास्त्र का ज्ञान बांटा जाने लगता है, कभी चीनी का मुद्दा उछाला जाता है। लेकिन जब तथ्यों के सामने इनकी राजनीति नहीं टिकती तो पुराना मुद्दा छोड़कर नया शोर खड़ा कर दिया जाता है। पुरानी तुष्टिकरण की राजनीति की दुकान भी अब चलने वाली नहीं रही, इसलिए लगता है कि विपक्ष को अब अगड़ा-पिछड़ा कराने का नया ‘टेंडर’ मिल गया है।


उन्होंने कहा कि इनकी निष्ठा किसी विचार, नीति या स्थायी मुद्दे से नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक अवसर से होती है। आज एक मुद्दा, कल दूसरा और परसों तीसरा। जिधर मौका दिखाई दिया, उधर पूरा विपक्ष लुढ़क पड़ता है। सच तो यह है कि विपक्ष आज किसी गंभीर वैचारिक संघर्ष से अधिक मुद्दों की घूमती हुई रील बनकर रह गया है—हर कुछ दिनों में नया कंटेंट, नया एंगल और नया शोर। बिना पेंदी की राजनीति का इससे बेहतर उदाहरण क्या होगा कि जिधर झूठ की कलई खुलने का डर हुआ, उधर से पूंछ उठाकर भाग लिए और फिर किसी नए मुद्दे की तलाश में निकल पड़े।